तरनतारन: विधानसभा हल्का खडूर साहिब अंतर्गत आते गांव चोहला साहिब के सरपंच पर ग्रांटों में से 85 लाख का गबन करने और रिकॉर्ड को नष्ट करने के कथित आरोपों के चलते निलंबित करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि निलंबित सरपंच अब पंचायत की किसी भी कार्रवाई में भाग नहीं ले सकेगा। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार गांव चोहला साहिब को 15वां वित्त आयोग और एमपी लैंड योजना के तहत साल 2022 से अब तक 89,50,806 रुपए की ग्रांट प्राप्त हुई थी।

इस ग्रांट में से 86,16,717 रुपए निकाल लिए गए और अब 3,34,089 रुपए बकाया राशि पंचायत के खाते में पड़ी है। बताया गया है कि सरपंच केवल कृष्ण और पंचायत सचिव जसपाल सिंह द्वारा ग्रांट खर्च करने से पहले कोई तकनीकी मंजूरी नहीं ली गई और पंचायत सचिव द्वारा यह भी लिखित रूप में स्वीकार किया गया कि ग्राम पंचायत में केवल 10 लाख रुपए का ही कार्य हुआ है। डिप्टी कमिश्नर तरनतारन द्वारा जारी किए गए उक्त आदेशों में कहा गया है कि बार-बार रिकॉर्ड तलब करने के बावजूद सरपंच और पंचायत सचिव रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाए।
जिससे यह स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत में केवल 10 लाख रुपए का ही काम किया गया और 85,16,717 रुपए का काम पंचायत के खाते से ग्रांट निकालने के बाद कराया नहीं गया तथा रिकॉर्ड को भी नष्ट कर दिया गया है। इस प्रकार सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया और पंचायत को वित्तीय नुकसान पहुंचाया। अतः पंचायत राज एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सरपंच केवल कृष्ण को उनके पद से निलंबित किया गया है और अब वे पंचायत की किसी भी कार्रवाई में भाग नहीं ले सकेंगे।