लुधियानाः जिले में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए स्पष्ट किया कि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार पिछले साल के मुकाबले 10% अधिक खरीद का लक्ष्य रखा गया है। डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। उन्होंने कह हमारी टीम ने खन्ना मंडी का दौरा कर आढ़तियों और किसानों से बैठकें की हैं। आढ़तियों ने जो दो-तीन छोटे मुद्दे उठाए थे, उनका समाधान कर दिया गया है।
पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए किसानों के लिए खास इंतजाम किए है। वहीं डीसी ने बताया कि किसानों की फसल बिकने के 48 घंटों के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। मंडी से अनाज का उठान 72 घंटों के भीतर गोदामों तक करने के निर्देश दिए गए हैं। बेमौसम बारिश की आशंका को देखते हुए मंडियों में तिरपाल और पानी निकासी के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंडियों में फसल की बोली सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी।
डीसी ने बताया कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश दे दिए हैं ताकि नुकसान का सही आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिलाया जा सके। हमारे पास बारदाने (गनी बैग्स) और स्टोरेज की कोई कमी नहीं है। मंडियों की साफ-सफाई मुकम्मल है। मेरी किसानों से अपील है कि वे फसल सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि उन्हें तुरंत उचित दाम मिल सके।