मोहालीः जिले में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी मारने की घटना सामने आई है। जहां आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लोगों के पैसे दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी मारी। इस मामले में पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए पूर्व सब इंस्पेक्टर सहित 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना मटोर के एएसआई केवल सिंह ने बताया कि आरोपियों ने फेज 7 में हरसुख स्टडी एब्रॉड के नाम पर एक कंपनी खोली हुई है। जिसमें क्रिप्टोकरेंसी का काम भी शुरू किया गया।
इस दौरान क्रिप्टोकरेंसी में पैसे दोगुने का लालच देकर भोले-भाले लोगों को फंसाना गया। लोगों ने आरोपियों पर विश्वास करते हुए पैसे क्रिप्टोकरेंसी में लगा दिए। दरअसल, आरोपियों ने मोहाली के पूर्व सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह और उसके पार्टनर अश्विनी कुमार पर विश्वास करते हुए पैसे लगाए। इसके बाद आरोपियों ने धोखाधड़ी का पूरा जाल बुना और लोगों की मेहनत की कमाई को 25 महीनों में डबल करने के वादे के बाद करोड़ों रुपये की ठगी मारी। ये दोनों कुछ महीनों से फरार चल रहे थे।
पुलिस ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मोहन सिंह को एक महीने पहले गिरफ्तार किया गया था और उसकी पूछताछ में अश्विनी कुमार का नाम सामने आया था। उनकी टीम ने अश्वनी को 2 दिन पहले ही गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया गया। इसके बाद मोहन सिंह को प्रोटेक्शन वारंट पर मोहाली लाकर दोनों का आमना-सामना करवाया गया कि इनमें से सरगना कौन है। दरअसल, दोनों एक-दूसरे पर ठगी के आरोप लगाए रहे है। इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि 2 शिकायतकर्ताओं के अनुसार 18 लाख की ठगी हुई है। हालांकि उसके अलावा कई लोगों से करोड़ों रुपए ठगे गए है। धीरे-धीरे लोग ठगों के खिलाफ शिकायत दे रहे है।
