लुधियानाः शहर में सुरक्षा व्यवस्था को परखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत कोर्ट कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह खाली कराकर मॉक ड्रिल कराई गई। यह अभ्यास सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए किया गया, ताकि किसी संभावित बम विस्फोट या आतंकी घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान वकीलों, न्यायाधीशों और कोर्ट स्टाफ को बम विस्फोट जैसी आपात परिस्थितियों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने के तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ऐसी स्थिति में किस तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचना है, घायलों की मदद कैसे करनी है और अफरा-तफरी से बचते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन कैसे करना है।
इस बीच कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी से जुड़ी अफवाहें भी फैल गईं, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एहतियाती कदम उठाए और किसी भी प्रकार के खतरे से बचने के लिए पूरे कोर्ट कॉम्प्लेक्स को खाली करवा लिया। सुरक्षा टीमों ने परिसर की गहन तलाशी ली और मॉक ड्रिल के जरिए यह सुनिश्चित किया कि किसी वास्तविक खतरे की स्थिति में सभी एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर सकें।
इस दौरान एक वकील ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई केवल सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा थी और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। इस तरह की मॉक ड्रिल भविष्य में भी कराई जाएंगी, ताकि न्यायिक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
दूसरी ओर एडवोकेट डा. गोरव अरोड़ा ने बताया कि उन्हें किसी से सूचना मिली थी कि कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। फिलहाल इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐहतियात के तौर पर सभी को कोर्ट परिसर से बाहर भेज दिया था। वहीं जांच जारी है।
