पठानकोट/अमृतसर : भारत का सविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। कुछ दिनों बाद देश गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। लेकिन इससे पहले भाजपा के गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बाबा साहेब डॉ. बीआर आंबेडकर के खिलाफ की टिप्पणी को लेकर दलित समाज में रोष पाया जा रहा है। जिसके चलते कांग्रेस वर्करों की ओर से सड़कों पर केंद्र सरकार और अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे है।
वहीं अमृतसर में भी कांग्रेस पार्टी ने रोष प्रदर्शन किया। जिसमें कांग्रेस पार्टी अमृतसर के जिला प्रधान अश्वनी पप्पू के साथ वाल्मीकि समाज और अन्य जत्थेबंदियों ने शामिल होकर नारेबाजी की। जत्थेबंदियों ने कहा कि अमित शाह की ओर से बाबा साहेब के खिलाफ गलत शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। जिससे पूरे समाज में रोष पाया जा रहा है। जिसके विरोध में रोष प्रदर्शन किए जा रहे है।
कांग्रेसी वर्करों ने बताया कि देश का सविधान लिखने वाले बाबा साहेब डॉ. बीम राव आंबेडकर के खिलाफ अमित शाह की ओर से गलत टिप्पणी की जा रही है। जिसको लेकर अमित शाह को माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। चेतावनी देते कहाकि जब तक अमित शाह की ओऱ से माफी नहीं मांगी जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
