कपूरथलाः प्रदेश में मनरेगा योजना में किए गए बदलावों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। वहीं इस रोष प्रदर्शन का नेतृत्व आज कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने किया। जहां प्रदर्शन के दौरान गांवों से आए मजदूर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले से संचालित मनरेगा योजना में बड़े बदलाव कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार की ओर से दी जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को बदल दिया गया है।
राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत मजदूरों को सौ दिन की रोजगार गारंटी मिलती थी, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ था। लोग इस योजना के जरिए अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर पा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में प्रदेश सरकार का हिस्सा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि केंद्र सरकार का हिस्सा 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि नई स्कीम में मनरेगा जैसा स्वरूप नहीं रखा गया है। इसमें जी-रामजी नाम जोड़ा गया है और अब परियोजनाएं दिल्ली से पास होकर आएंगी। इससे फाइलों के पास होने में देरी होगी और मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाएगा। अंत में उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा सरकार से मांग की कि मनरेगा योजना में किए गए इन बदलावों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि गरीब और मजदूर वर्ग के हितों की रक्षा हो सके।