चंडीगढ़ः पंजाब और हरियाणा में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज हवाओं, बारिश और ओलों की मार से जमीन पर बिछ गई है, जिससे हजारों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने फसलों के नुकसान के आकंलन के लिए स्पेशल गिरदावरी यानी नुकसान की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की।
सीएम ने पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से खराब हुई फसल का जायजा लेने के लिए केंद्र से टीम भेजने की गुजारिश की जिस पर केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया। सीएम ने केंद्रीय मंत्री से पंजाब के ग्रामीण विकास फंड का रुका हुआ करीब 8700 करोड़ रुपये भी जारी करने की मांग की। इसके लिए पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में केस भी दायर कर रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार रुका हुआ फंड रिलीज करती है तो केस वापस लिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने गोदाम में पड़े पुराने अनाज को भी जल्द उठाने की मांग की। सीएम ने आढ़तियों के कमीशन का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने उठाया।
बता दें कि हाल ही में कृषि विभाग के 500 से अधिक कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। इस बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से अब तक पंजाब में करीब 1.25 लाख एकड़ जमीन पर फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। किसानों का कहना है कि यह नुकसान उनके लिए आर्थिक संकट बन गया है। पिछले साल बाढ़ की मार झेल चुके किसानों की हालत पहले ही खराब थी, और अब इस बेमौसम बारिश ने गेहूं और सब्जियों की फसल को भी बर्बाद कर दिया है। किसान सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं और प्रति एकड़ कम से कम 70 हजार रुपये की सहायता की अपेक्षा भी जता रहे हैं।