चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज चंडीगढ़ म्यूनिसिपल भवन में 417 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान सीएम मान ने नौजवानों को देश छोड़ ना जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर योग्यता के अनुसार यहां रोजगार मिल रहा है तो बाहर जाने की क्या जरूरत है। विदेशों जाना है तो घूमने जाओ। लेकिन अब तो विदेशों में हालात खराब हो चुके हैं। वहां दंगे हो रहे हैं। इंग्लैंड के हर शहर में दंगे चल रहे हैं।
सीएम मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक तक 44,667 सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिसके चलते कई युवा अब विदेशों को अलविदा कहकर यहां सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान सीएम मान ने अकाली दल और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी बेटी जयइंदर कौर पर जमकर तंज कसे। सीएम मान ने कहा कि इन नेताओं ने पंजाब की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण लोगों ने उन्हें बुरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि यह पंजाब की बदकिस्मती है कि ऐसे नेताओं के हाथों में सत्ता की बागडोर रही, जिन्होंने सिस्टम को बिगाड़ कर रख दिया।
प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार को आम लोगों की सरकार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास हमेशा आम लोग ही रचते हैं और पंजाबियों ने भी आम घरों के युवाओं को सत्ता सौंपकर प्रदेश में बड़ा बदलाव लाया। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां जैसे साधारण नेता ने लंबी हलके से पांच बार के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल को हराया। शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल 25 साल राज करने का दावा करते थे, लेकिन इस समय उनकी स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उनके साथ 25 नेता भी इकट्ठे नहीं हो पा रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाशिए पर धकेले गए अकाली नेता श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मांग रहे हैं, लेकिन अपने किए गुनाहों का जिक्र नहीं करते।
सीएम मान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जयइंदर कौर पर भी तंज कस दिया। सीएम मान ने किस्सा सुनाते हुए कहा- कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी ने कहना था, मेरे पिता ने पटियाला के विकास के लिए एक सौ चौताली करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन उन्होंने कहा- मेरे फादर ने पटियाला दे विकास ते, एक सौ फोर्टी फोर करोड़ रुपए खर्चे। मुझे पता चल गया कि इसे 100 बोलना आता है, चौताली बोलना नहीं आता। ये एक सौ 44 बोलने वाले हैं। कहते थे नौकरी नहीं दे सकते, खजाना खाली है। अब कैसे हो रहा है। पहले भी यही खजाना था। इस मौके पर राजस्व मंत्री ब्रम शंकर जिम्पा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।