चंडीगढ़ः पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में सरकार ने बड़े आंकड़े पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया कि पंजाब की सुरक्षा केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ी है। पाकिस्तान से लगती 532 किलोमीटर लंबी सीमा के चलते पंजाब पुलिस को बीएसएफ के साथ फ्रंटलाइन पर काम करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं और 1,472 ड्रोन मूवमेंट ट्रैक की गई हैं। पुलिस के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया है।
गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन के बाद 3,658 गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए और 1,105 गैंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया। इस दौरान 2,267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए, जो अपराध में इस्तेमाल हो रहे थे। “बॉटम टू टॉप” मॉडल के तहत सबसे पहले थानों को मजबूत किया गया।
अब तक 2,904 वाहन खरीदे गए हैं, जिन पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इनमें 2,258 चार पहिया और 646 दो पहिया वाहन शामिल हैं, जबकि 508 नई गाड़ियां पीसीआर टीमों को दी जानी हैं। भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए 450 हेड कांस्टेबल, 10,285 कांस्टेबल और 400 सिविलियन सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 2025 के लिए 1,746 और 2026 के लिए 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
सरकार का कहना है कि मजबूत लॉ एंड ऑर्डर का ही नतीजा है कि पंजाब में स्टील, टेक्सटाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है और राज्य एक सुरक्षित औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकार के मुताबिक सख्त पुलिसिंग और लगातार ऑपरेशन के चलते न केवल अपराध पर लगाम लगी है, बल्कि इसका असर उद्योग निवेश पर भी साफ दिख रहा है। सरकार के अनुसार 16 मार्च 2022 से अब तक 95,881 ड्रग तस्कर और सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत 70,228 एफआईआर दर्ज हुई हैं। नशे के नेटवर्क पर आर्थिक चोट करते हुए 556 तस्करों की 772 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
