फरीदकोटः जिले के गांव हरीनौ के गुरप्रीत सिंह हत्याकांड में अतिरिक्त जिला और सेशन जज की अदालत सुनवाई हुई। जहां कोर्ट में17 नामजद दोषियों में से 12 के खिलाफ आरोप तय हुए। इस मामले में अब 3 फरवरी को सुनवाई होगी। दरअसल केस को लेकर एसआईटी ने असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद श्री खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और विदेश में बैठे आतंकी अर्श डल्ला समेत 17 को नामजद किया था। अभी तक केस में अमृतपाल समेत 5 की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कोर्ट में वकीलों ने दलील दी कि अधूरी जांच के कारण ट्रायल प्रभावित हो रहा है। आरोप तय होने के बाद पुलिस को अब जांच पूरी कर अमृतपाल सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चालान दाखिल करना होगा। फरीदकोट कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए और कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ न तो पूछताछ की गई और न ही चार्जशीट दाखिल हुई।
बता दे कि मामले मे12 को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की हुई थी। इस केस में सभी पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी यूएपीए की गंभीर धाराएं भी लगाई हुई हैं। 9 अक्टूबर 2024 को गुरप्रीत सिंह हरीनौ की उसके गांव में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने जांच के बाद 17 लोगों को नामजद किया था। इस केस में सांसद अमृतपाल सिंह ,आतंकी अर्श डल्ला समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। सांसद असम जेल में है, जबकि बाकी 4 आरोपी विदेशों में बैठे हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक गुरप्रीत सिंह को अमृतपाल सिंह के गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और आतंकी अर्श डल्ला के साथ तथाकथित संबंधों की जानकारी थी। इसी वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने यह भी कहा कि अमृतपाल सिंह ने सार्वजनिक तौर पर खुद को वारिस पंजाब दे का नेता बताया, लेकिन वह संगठन का आधिकारिक सदस्य नहीं था।