पठानकोटः पेरेंट्स एक तरफ जहां अक्सर बच्चों के मोबाइल और टीवी में बिज़ी रहने की वजह से परेशान दिखते हैं, वहीं दूसरी तरफ एग्जाम की वजह से बच्चों में मेंटल स्ट्रेस बढ़ रहा है। कुछ ऐसी ही तस्वीरें जिला पठानकोट में भी देखने को मिल रही हैं, जहां बच्चे अपने मेंटल स्ट्रेस का इलाज करवाने के लिए सिविल अस्पताल में साइकेट्रिस्ट के पास पहुंच रहे हैं। इस बारे में जब डॉक्टरों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एग्जाम पास आने के साथ ही बच्चों में मेंटल स्ट्रेस बहुत बढ़ गया है।
जिसकी वजह से बड़ी संख्या में बच्चे मेंटल स्ट्रेस के इलाज के लिए उनके पास पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चों को ऐसा लगता है कि एग्जाम के दौरान वे साल भर की पढ़ाई भूल सकते हैं। ऐसे में मेंटल स्ट्रेस बढ़ जाता है और बच्चे अपना मेंटल बैलेंस खो देते हैं।
इस मौके पर उन्होंने पेरेंट्स को समझाते हुए कहा कि डॉक्टर सिर्फ अपनी ड्यूटी कर सकते हैं और दवा दे सकते हैं, लेकिन सबसे ज़रूरी रोल घर पर बच्चों के साथ पेरेंट्स का रहता है और पेरेंट्स को उन्हें स्ट्रेस-फ्री रखने की हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए और जहां भी बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत आए, उन्हें प्यार से समझाएं ताकि बच्चे स्ट्रेस-फ्री रह सकें और एग्जाम में अपना 100 परसेंट दे सकें।