चंडीगढ़ः 17 साल पुराने रिश्वत मामले में पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव व उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में निदेशक-सह-सचिव रह चुके सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विजय कुमार जंजुआ के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले में केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। आदेश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 13(2) के तहत दर्ज मामले में जंजुआ के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य उपलब्ध हैं।
केंद्र सरकार के आदेश में उल्लेख है कि पंजाब सरकार की संस्तुति, केंद्रीय सतर्कता आयोग की सलाह और जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने अभियोजन स्वीकृति प्रदान की। अब विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। शुक्रवार को यह जानकारी केंद्र सरकार की तरफ से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन ने हाईकोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान दी।
याचिका में अभियोजन की मंजूरी न देने के कारण केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। मामला 9 नवंबर 2009 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो मोहाली में दर्ज एफआईआर संख्या 9 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता लुधियाना निवासी तुलसी राम मिश्रा ने आरोप लगाया था कि उनके प्लॉट के साथ लगती खाली जमीन के आवंटन के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।