चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की 4 महीने बाद आज कैबिनेट मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग के कई बड़े फैसले लिए जा सकते है। बताया जा रहा है कि मीटिंग के 65 के करीब एजेंडों पर फैसला लिए जा सकते है। जिसमें खून के रिश्तों में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर ढाई फीसदी तक स्टांप ड्यूटी लगाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। सूबे की वित्तीय हालत को देखते हुए सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। आम लोगों पर सरकार वित्तीय बोझ डाल सकती है।इसके अलावा जेल विभाग, हाउसिंग विभाग, सेहत विभाग, व कुछ नगर निगमों से जुड़े एजेंडे शामिल किए जाएंगे।
इसके अलावा अमेरिका से डिपोर्ट किए पंजाबी युवकों के मुद्दे पर मीटिंग में चर्चा होने की उम्मीद है। मीटिंग ठीक 12 बजे सीएम भगवंत मान की अगुआई में होगी। इस मीटिंग को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि इस महीने में दो बार मीटिंग की तारीख बदली गई। इस पर भी विरोधी दलों ने सवाल भी उठाए। मीटिंग में ब्रिज एंड रैंप पॉलिसी को मंजूरी मिलने की संभावना है। इस नीति के तहत नहरों और ड्रेनों पर बनने वाले ब्रिजों पर के लिए मंजूरी लेनी पडे़गी।
साथ ही फीस भरनी होगी। इसी तरह एसिड अटैक पीड़ितों की पेंशन आठ हजार से 10 हजार करने पर सरकार विचार कर सकती है। साल 2024 में सरकार को लगातार एक के बाद एक चुनाव में जाना पड़ा। पहले लोकसभा चुनाव थे। इसके बाद चार सीटों पर उपचुनाव हुए। फिर पंचायत और निकाय चुनाव हुए। इसके बाद फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव थे। ऐसे में सरकार कोई बड़ा फैसला नहीं ले पाई थी। साल में सिर्फ पांच ही कैबिनेट मीटिंग हुई। हालांकि सरकार की आमदन में बढ़ोतरी करना बड़ी चुनौती है। हालांकि पार्टी कोई ऐसा फैसला भी नहीं लेना चाहती है।
जिससे उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़े। हालांकि सितंबर महीने में सरकार पेट्रोल पर 61 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 92 पैसे प्रति लीटर वैट बढ़ाया था। सरकार ने उस समय दावा किया था कि पेट्रोल से 150 करोड़ और डीजल से 392 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी। इसके अलावा सरकार ने 7 किलोवाट लोड वाले बिजली उपभोक्ताओं को दी जानी वाली सब्सिडी खत्म कर दी थी। अगर ऐसा होता है तो 7 साल के बाद यह बडा फैसला होगा। कांग्रेस सरकार के समय यह पेंशन शुरू हुई थी। इसी तरह डेवलपरों को इंटरनल डेवलपमेंट चार्जेस (ईडीसी) का 50 फीसदी विकास कार्य पर खर्च करने के लिए कहा जा सकता है।
