अमृतसरः पंजाब रोडवेज़, पनबस और पीआरटी ठेका वर्कर यूनियनों ने आज अमृतसर सहित 5 जिलों में बड़ा चक्का जामकर करके विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गोल्डन गेट पर कर्मचारियों ने मार्ग जाम करके धरना लगा दिया। बस कर्मियों द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर हाईवे पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। धरना स्थल पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
इसके बावजूद धरने के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की की घटना भी हुई। मौके पर कुछ पत्रकारों के साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा बदसलूकी की शिकायतें भी सामने आईं। इस मौके पर प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह और दीपू प्रधान हीरा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आज सरकार और प्रबंधन के साथ उनकी सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने एडीसीपी हरपाल सिंह की टीम से बातचीत करके टेंडर प्रक्रिया को 31 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया है।
इसके अलावा 28 अक्टूबर को यूनियन के साथ विशेष बैठक रखने की भी घोषणा की गई है, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा। बलजीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 28 अक्टूबर की बैठक में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी अगली रणनीति का ऐलान प्रेस नोट के माध्यम से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों के कारण कर्मचारी बार-बार सड़कों पर आने के लिए मजबूर हैं।
इस मौके पर एडीसीपी जगजीत सिंह वालिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि गोल्डन गेट पर जाम अब खोल दिया गया है और आवागमन फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों से बातचीत कर आगे की तारीख तय कर दी गई है और शांतिपूर्ण समाधान की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं।