अंतिम संस्कार में शामिल होंगे CM Mann
लुधियानाः मथुरा में नाव हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं आज 3 शव लुधियाना पहुंचे है और 2 शव जगरांव लाए गए हैं। हादसे में जगरांव के ईशान कटारिया, कपूर काॅलोनी कच्चा मलक रोड, मधुर बहल व मां कविता रानी, गीता काॅलोनी, चरनजीत सिंह काला और उनकी पत्नी शामिल हैं। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। वहीं जगरांव में एबुलेंस के जरिए मां कविता बहल और बेटा मधुर बहल के शव पहुंचने पर परिजनों का रो-रो- कर बुरा हाल हो गया। इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि परिजनों के साथ-साथ इलाके में मातम पसर गया है। आज शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मिली जानकारी के अनसार सीएम भगवंत मान भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे और परिजनों से दुख सांझा करेंगे।
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हालांकि बीते दिन भी घटना का पता चलने पर सीएम मान ने दुख सांझा किया था। दरअसल, श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा हर माह की तरह वीरवार शाम को डिस्पोजल रोड से वृंदावन के लिए रवाना हुई 2 लग्जरी बसों में कुल 130 लोग सवार थे जो शुक्रवार सुबह 10 बजे सकुशल वृंदावन पहुंचे। इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु धर्मशाला में ही आराम करने अपने-अपने कमरों में रुक गए जबकि वहां से 30 के करीब श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर में माथा टेकने के बाद यमुना नदी में चले गए। इस दौरान उनकी स्टीमर नाव दरिया के अंदर ही बना रहे टेंपरेरी पीपा पुल से टकराने के बाद वहीं यमुना में ही डूब गई। श्रद्धालुओं में शामिल मल्होत्रा मोबाइल के शोरूम में काम करते श्वेत जैन ने मथुरा से बताया कि यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था।
जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह पुल यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही स्टीमर पलटा। श्वेत जैन के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ जो श्री बांके बिहार मंदिर से ढाई किमी की दूरी पर है। उन्होंने बताया कि जब किश्ती डूबी तो आसपास के किश्ती वालों ने कईयों को बचा कर अपनी किश्ती में बिठा लिया। 6 से 7 लोगों के शव तो वह यहां पर अस्पताल में देख चुके हैं। उन्होंने बताया कि जगरांव के ज्यादातर श्रद्धालु वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं। श्वेत ने बताया कि नाविक को कहा कि रोक लो। श्वेत जैन के मुताबिक हमारा स्टीमर जब पीपा पुल के पास पहुंचा तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार स्टीमर टकराने से बचा। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने हमें बचाया है।