अमृतसरः रेलवे पुलिस ने एक अंधे कत्ल के मामले को महज़ 48 घंटों के अंदर सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए रेलवे के एसएचओ सुखविंदर सिंह सरां ने बताया कि यह कत्ल महज कुछ हजार रुपये के लेन-देन के कारण किया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि तारीख 2 और 3 फरवरी की रात वेरका रेलवे लाइन (अमृतसर-पठानकोट मार्ग) पर एक युवक का खून से लथपथ शव मिला था।
एसएचओ सुखविंदर सिंह ने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे तो युवक का सिर रेलवे लाइन पर था और गले पर तेजधार हथियार से वार किए गए थे। मौके पर कोई सीसीटीवी न होने के कारण यह पुलिस के लिए एक ‘ब्लाइंड केस’ था। मृतक की तलाशी के दौरान मिली एक धुंधली आधार कार्ड से उसकी पहचान अनु वर्मा वासी बटाला रोड के रूप में हुई। जांच के दौरान पता चला कि मृतक अनु वर्मा बैटरी वाला ऑटो चलाता था।
घर से निकलते समय उसने अपनी भाभी को बताया था कि वह अंकज कुमार नाम के व्यक्ति के साथ लुधियाने जा रहा है और शक होने पर उसका नंबर भी दे गया था। जब पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से कॉल डिटेल और लोकेशनों की जांच की, तो मृतक की लोकेशन्स एक ही जगह पाई गईं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि दोनों के बीच महज 5-7 हजार रुपये को लेकर झगड़ा था। पंकज नामक युवक ने अनु को कुछ सामान लेने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन काम ना होने पर पैसे लेकर तकरार बढ़ गई।
गुस्से में आकर पंकज ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अनु को रेलवे लाइनों पर बुलाया। वहां दोनों साथियों ने अनु के हाथ-पैर पकड़ लिए और पंकज ने किरच से उसके गले पर कई बार वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत से उसकी 2 दिन की रिमांड हासिल की है। एसएचओ सरां ने बताया कि घटना में शामिल दो और फरार साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है और जल्द ही वे भी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
