मोहालीः आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिक्रम मजीठिया की सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर होने के बाद उन्हें बेल मिल गई। आज बिक्रम मजीठिया नाभा जेल से बाहर आ गए और उसके बाद वह पटियाला में गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर मजीठिया को मिली जमानत के मामले में विजिलेंस ब्यूरों के सरकारी वकील का बयान सामने आया है।
उन्होंने बताया कि मजीठिया को कंडीशनल बेल मिली है। मोहाली कोर्ट की ओर से 17 जनवरी को आर्डर पास किए गए थे कि कोर्ट की कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी मीडिया में सांझी नहीं की जाएगी। लेकिन बिक्रम मजीठिया के एडवोकेट द्वारा कोर्ट प्रोसिडिंग की बातें आज जनतक की गई। ऐसे में जल्द ही वह मजीठिया की जमानत एप्लिकेशन को रद्द करने के लिए याचिका दायर करने पर विचार किया जाएगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 7 महीने की कस्टडी डीए केस में काफी मानी जाती है।
इसी के चलते कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। इस दौरान अदालत की ओर से कहा गया था कि कंडीशन लगाई थी कि कोर्ट ट्रायल को मजीठिया द्वारा लेट ना किया जाए। वहीं उन्होेंने ट्रायल कोर्ट को कुछ हिदायतें दी थी।जिसमें थ्रेट कॉल, मीडिया में मामले को जनतक करने संबंधी कंडीशन शामिल थी। एडवोकेट ने कहा कि इस केस में आगे ट्रायल चलेगा। एनडीपीएस केस के मामले में पासपोर्ट को लेकर पहले से कंडीशन लगाई गई थी।
