लुधियानाः जिले के शिवपुरी इलाके में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। जहां हमलावारों ने दुकानदार पर तेजधार हथियारों से हमला करके घायल कर दिया। राही अंसारी ने बताया कि वह शिवपुरी में जीरों नंबर गली में रहता है। पीड़ित ने बताया कि उसका वहीं पर गरीब नवाज होटल (ढाबा) है। इस दौरान होटल में 8 से 10 लोग आए और खाना मांगने लगे। जिसके बाद कर्मियों ने खाना देने से मना किया तो हमलावारों ने कर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया। जिसके बाद होटल में तोड़फोड़ करके नगदी ले गए। पीड़ित के अनुसार 10 से 15 हजार रुपए लेकर फरार हो गए।
इस दौरान जमकर होटल में तोड़फोड़ की। पीड़ित का कहना हैकि हमलावारों ने पहले भी 31 तारीख को हमला किया था। उस दौरान भी खाना देने से मना किया था और उस पर हमला कर दिया था। घटना में मालिक सहित कर्मी घायल हो गया। पीड़ित ने खाना देने से मना करने पर हमलावार उस पर 2 बार हमला कर चुके है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। घायल कर्मी मंजूर आलम ने बताया कि इसी हमलावारों के साथ पहले भी विवाद हुआ था। उस समय भी हमलावारों ने उस पर हमला किया था। जिसके बाद देर रात दोबारा से आकर नौजवानों ने उस पर हमला कर दिया।
पीड़ित के अनुसार 10 से 15 नौजवानों ने उस पर तलवार से हमला किया है। वह उक्त लोगों को जानता है और वह पहले भी खाना खाने के लिए आए थे, उस समय भी उन पर हमला किया था। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं गुंडागर्दी की वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि हथियारों से लैस होकर आए नौजवानों ने ढाबे पर जमकर तोड़फोड़ की और कर्मियों की बेरहमी से पिटाई की। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि पहले 31 तारीख को हुई घटना को लेकर पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई ना होने के कारण हमलावारों ने दोबारा से उन पर आकर हमला कर दिया।
पीड़ित के अनुसार 31 मार्च को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात 11 बजे वह होटल बंद करने की तैयारी कर रहा था। इस दौरान 3 होटल के अंदर घुस गए और रोटी खिलाने का कहने लगे। उस दौरान वह घर जाने की तैयारी कर रहा था और खाना देने से उसने मना कर दिया था। जिसके बाद लड़के जबरदस्ती खाना मांगने लगे। विरोध करने पर उन्होंने उससे मारपीट की और उसकी तिजौरी से 15 हजार रुपए और जेब से 3 हजार रुपए निकाल कर भाग गए। घटना संबंधी मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत थाने दे दी थी। एसएचओ ने कहा था कि वह कार्रवाई कर रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके कारण 2 अप्रैल को उन्होंने दोबारा से उन पर हमला कर दिया। पीड़ित ने कहा कि अगर पुलिस ने पहले कार्रवाई की गई होती, तो अभी दोबारा यह घटना नहीं हो पाती।