फाजिल्का: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फाजिल्का में अनाज मंडी में रैली के दौरान सुरक्षा और जनहित प्रबंधन में लापरवाही बरतने और लोगों के साथ खराब व्यवहार करने के आरोपों के तहत पुलिस ने तुरंत प्रभाव से थाना अध्यक्ष (ASI) को सस्पेंड कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के आगमन के मौके पर सहायक थाना अध्यक्ष हंस राज (संख्या 01/फ़ाजिल्का) की ड्यूटी पब्लिक पार्किंग में लगाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उक्त कर्मी ने अपनी ड्यूटी के दौरान आम जनता के साथ अत्यंत खराब व्यवहार (बदसलूकी) किया। दरअसल, रैली में पहुंचने के लिए सरकारी रोडवेज बसों पर सवार होकर आए लोग अनाज मंडी में तो पहुंचे लेकिन सड़कों पर खड़ी बसों को लेकर एक पुलिस कर्मचारी द्वारा न सिर्फ बसों की फोटो की जा रही थी।
बल्कि रोडवेज कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए उक्त पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। इस घटना को पुलिस महकमे के अनुशासन का उलंघन मानते हुए उच्च अधिकारियों ने इस पर कड़ा नोटिस लिया है। एसएसपी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, सहायक थाना अध्यक्ष हंस राज को तुरंत सस्पेंड कर पुलिस लाइन, फाजिल्का भेज दिया गया है। सस्पेंड के दौरान उसे सिर्फ आधी तनख्वाह और भत्ते मिलेंगे। कर्मी को अपनी बेल्ट और असलहा तुरंत जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी के रूप में डीसीपी लवदीप सिंह को नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पुलिस प्रशासन के इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि ड्यूटी के दौरान जनता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब रोडवेज कंट्रेक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान रविंदर सिंह रिंकू ने बताया कि अनाज मंडी ही पार्किंग बनाई गई थी जहां सरकारी बसों में आए लोगों को उतार बसें पार्किंग में लगाई गई थी कि मुक्तसर डिपो की बसों की पार्किंग को लेकर पुलिस कर्मचारी हंस राज ने उनसे दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया और बसों की फोटोज करने लगे।
हालांकि जब कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें उक्त पुलिस कर्मचारी ने चलान करने की धमकी दी लेकिन रोडवेज कर्मचारी एकत्र हुए जिन्होंने पुलिस के इस रवैये के खिलाफ रोष जाहिर किया। हालांकि मौके पर पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए, जिन्हें उनके द्वारा उक्त पुलिस कर्मी के खिलाफ शिकायत दी गई कि बेवजह रोडवेज कर्मचारियों को ह्रास किया जा रहा है । जबकि वह सीएम की रैली ने आने वाले लोगों को लेकर पहुंचे है। मौके का वीडियो बनाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।