मिल रही थ्रेट कॉल को लेकर मुख्य आरोपियों को लेकर किए खुलासे
अमृतसरः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। इस दौरान सीएम मान ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका और सुरक्षा का जायजा भी लिया। बीती 14 जुलाई से श्री हरिमंदिर साहिब को विस्फोटक पदार्थों से नुकसान पहुंचाने की धमकियों के बाद मुख्यमंत्री आज श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री शिरोमणि कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी से भी मिलकर मिल रही धमकियों के संबंध में बात करने की संभावना है। साथ ही वह मीडिया को भी संबोधित करते हुए थ्रेट कॉल को लेकर खुलासे किए। उन्होंने कहा कि थ्रेट कॉल के जरिए मिल रही ई-मेल को लेकर कुछ आईपी एड्रैस ट्रैक हो गए है।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से प्रशासन कुछ दूर है, जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी कि उनके पीछे कौन लोग है और उनका क्या मकसद है। वहीं उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब का किसी को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री दरबार साहिब में सिविल वर्दी में पुलिस कर्मी तैनात है। सीएम मान ने कहाकि उन्होंने एसजीपीसी के अध्यक्ष से भी इस मामले को लेकर बात की है, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर मिलकर काम करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए बात की।
एसजीपीसी के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ विशेष मुलाकात की। धामी ने बताया कि कई दिनों से लगातार सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब को धमकी भरे ईमेल मिल रहे हैं। इसी संबंध में आज मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श हुआ है। उन्होंने कहा कि धमकियों के मामले पर एसजीपीसी और पंजाब पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हर पक्ष से निगरानी रखी जा रही है। धामी ने कहा कि अब तक एसजीपीसी को करीब 10 धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। यह मामला संवेदनशील होने के कारण सरकार और पुलिस द्वारा पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास दिया है कि जब भी पुलिस या जांच एजेंसी को कोई भी सुझाव या जानकारी मिलेगी, तुरंत एसजीपीसी को अवगत करा दिया जाएगा। धामी ने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री के साथ समागम को लेकर किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं हुई है। मुलाकात सिर्फ धमकियों और सुरक्षा मामलों को लेकर हुई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने अपनी पूरी सहयोगी भूमिका निभाने का भरोसा दिया है।
गौरतलब है कि उनके ना आने पर विरोधी पार्टियों ने सवाल उठाए थे। 14 जुलाई को धमकियां दिए जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा के सीनियर नेता गोल्डन टेंपल में माथा टेक चुके हैं। इस दौरान उन्होंने सीएम भगवंत मान के ना आने पर सवाल खड़े किए थे। भाजपा सह-प्रभारी अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुरु घर को मिल रही धमकियों को भगवंत मान सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सरकार 3 दिन बाद जागी और फिर कार्रवाई की गतिविधियां शुरू कीं, जिससे साफ है कि राज्य सरकार गहरी लापरवाही और बेहोशी की हालत में है। इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी सीएम भगवंत मान के अमृतसर ना आने पर सरकार को घेरा था।
