मोहालीः शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की अदालत में जमानत की अर्ज़ी पर आज सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। हालांकि कोई फैसला नहीं हुआ। ऐसे में अब 12 जुलाई को दोबारा केस पर सुनवाई होगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनकी पत्नी व विधायक गनीव कौर मजीठिया भी मौजूद रही। गनीव कौर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। गनीव कौर ने कहा कि उन्हें गुरु साहिब पर पूरा भरोसा है और गुरु साहिब जो भी करेंगे, सभी सही ही करेंगे।
गनीव कौर मजीठिया की तरफ से चंडीगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत संबंधी पत्रकारों द्वारा सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि उनसे चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने कोई संपर्क नहीं किया। विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में अमृतसर स्थित उनके घर से मजीठिया को गिरफ्तार किया था। इस बार जांच का दायरा हिमाचल, दिल्ली और यूपी तक फैला है। हिमाचल में उनकी जमीन होने का दावा किया गया है, वहीं यूपी के गोरखपुर में उनकी शुगर मिल और दिल्ली में फार्म हाउस होने की जानकारी मिली है। इन स्थानों से मिली सामग्री को चालान का हिस्सा बनाया जाएगा।
साथ ही, जांच में छह लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय भी शामिल हैं, जिनके कार्यकाल में मजीठिया पर एनडीपीएस का केस दर्ज हुआ था। ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और चार अन्य लोगों के बयान भी लिए गए हैं, जो पहले मजीठिया के करीबी रहे हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया को इस बार रक्षाबंधन भी जेल में ही मनाना पड़ा, क्योंकि उनकी जमानत मंजूर नहीं हो पाई थी। उनकी बहन, बठिंडा की सांसद और बादल परिवार की बहू हरसिमरत कौर बादल उन्हें राखी बांधने के लिए जेल पहुंची थीं। हालांकि अकाली नेताओं और मजीठिया के वकीलों का आरोप है कि जेल में उनसे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है।