अबोहरः भारत माला हाईवे प्रोजेक्ट के तहत फाजिल्का बाईपास से मलोट बाईपास तक बनने वाले मार्ग पर पिछले काफी समय से अवरोध डाल रहे सीडफार्म के आबादकारों पर अल सुबह ही पुलिस व प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स ने जिन लोगों के मकान इस प्रोजेक्ट के बीच आते थे उन पर पीला पंजा चलाकर उन्हें धवस्त कर दिया। वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई से पहले किसान नेताओं द्वारा किसी भी प्रकार का हंगामा करने की नियत को देखते हुए पुलिस ने किसान नेताओं को सबह 4 बजे ही उनके घरों मे नजरबंद कर दिया।
गौरतलब है कि सीडफार्म में सैंकडों आबादकार पिछले करीब 1 वर्ष से उनकी जमीनों का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सीड फॉर्म में लगातार धरना लगाकर बैठे थे। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई से सीड फॉर्म निवासियों सहित किसान संगठनों में रोष पाया जा रहा है। इधर, अल सुबह ही आबादकारों द्वारा किए गए कब्जे को हटवाने के लिए जिले के डीएसपी डी, एसपी डी, डीएसपी क्राइम, एसडीएम, सीआईए टू पुलिस, सिटी व खुईयां सरवर पुलिस के नेतृत्व में करीब 400 से अधिक पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
नेशनल हाईवे अथार्टी को भारत माला प्रोजेक्ट का कब्जा दिलवाया। किसानों का कब्जा हटाने के साथ ही युद्ध स्तर पर मशीनें लगाकर मिटटी की भर्ती शुरू कर दी गई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने बताय कि जिन आबादकारों के पास उसके मकानों या जमीन के मालिकाना कागज थे उन्हें उचित मुआवजा दे दिया गया है। अबोहर के विधायक चौ. संदीप जाखड़ ने इस कार्रवाई की निंदा की है।
उन्होंंने कहा कि आज सुबह 3 बजे पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीड फार्म पर मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन को जबरन उठवा दिया गए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। लंबे समय से वहां के किसान मांग कर रहे थे कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, लेकिन आज सरकार ने उन्हें दरकिनार कर दिया। यह मसला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा वह सरकार से अपील करते हैं कि उन किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।