अमृतसरः जिले में टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) गुरसेवक सिंह औलख की अगुआई में थाना एयरपोर्ट और राजासांसी के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में रेगुलेटरी विंग की टीम ने अमृतसर–अजनाला नेशनल हाइवे पर स्थित गांव हेर और गांव दालम में 2 अवैध रूप से विकसित की जा रही कालोनियों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि गांव दालम में कालोनाइजर द्वारा एक प्रस्तावित ले-आउट प्लान मंजूरी के लिए अप्लाई किया गया था, लेकिन मौके पर मंजूर रकबे से कहीं अधिक जमीन पर अवैध विकास किया जा रहा था।
इसलिए नियम विरुद्ध चल रहे विकास कार्य को गिरा दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार रेगुलेटरी विंग की ओर से भविष्य के विकास को नियंत्रित करने और सरकार की हिदायतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पापरा एक्ट 1995 के तहत पहले नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बावजूद दोनों स्थानों पर कालोनाइजर बिना पुड्डा और अन्य विभागों की मंजूरी के निर्माण कार्य जारी रख रहे थे।
यही वजह रही कि काम रुकवाने के साथ-साथ डेमोलिशन की कार्रवाई करनी पड़ी। विंग ने स्पष्ट किया कि पापरा एक्ट-1995 के अमेंडमेंट 2024 के अनुसार बिना मंजूरी कॉलोनी विकसित करने वालों को 5 से 10 साल की जेल और 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसी आधार पर पुलिस विभाग को भी संबंधित कॉलोनाइजर और जमीन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है। अब तक अमृतसर में 46 अवैध कॉलोनियों को गिराया जा चुका है जबकि 34 कॉलोनाइजर और बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
साथ ही तहसीलदार को बिना अनुमति वाली कॉलोनियों में प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक लगाने और पीएसपीसीएल को बिजली कनेक्शन जारी न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेगुलेटरी विंग ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट की खरीद से पहले पुड्डा की मंजूरी अवश्य जांच लें और एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची देखकर ही निवेश का फैसला करें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान और परेशानी से बचा जा सके। साथ ही किसी भी तरह का नया निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां लेने की सलाह दी गई है।
