मोहालीः जिले के सिविल अस्पताल में ठगी की घटना सामने आई है। जहां खुद को डॉक्टर बताकर नौसरबाज ने बुजुर्ग निर्मल सिंह पुत्र प्रीतम सिंह से दवाई दिलाने के नाम पर ठगी मार ली। मिली जानकारी के अनुसार नौसरबाज ने बुजुर्ग से दवाई के नाम पर 7500 रुपये की ठगी मारी है। वहीं मामला जब एसएमओ डॉक्टर एचएस चीमा के ध्यान मे आया तो वह खुद हैरान रह गए। इस मामले को लेकर एसएमओ ने कहा कि आरोपी को पकड़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने नौसरबाज को पकड़ने के लिए 50 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने यह इनाम अपने पैसे से देने का ऐलान किया है। दरअसल, यह पहली घटना नहीं है। आरोपी पहले भी इसी तरह दो बुजुर्गों से नकदी ले कर भाग चुका है। घटना का पता चलने पर अस्पताल प्रशासन ने मोहाली पुलिस को शिकायत भी दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति विरुद्ध पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन वह अभी तक नहीं पकड़ा गया है।
पीड़ित निर्मल सिंह ने बताया कि वह चंडीगढ़ के एक सरकारी विभाग से सेवा मुक्त वित्त निवासी हैं। वह सिविल अस्पताल में मुफ्त दवाइयां लेने आए थे। उन्हें अपने पुत्र के लिए “येलोसिल” नामक दवा की जरूरत थी, जिसकी कीमत लगभग 30 रुपये थी। उन्होंने कहा कि यह दवाई अस्पताल में सस्ती या मुफ्त में उपलब्ध थी। निर्मल सिंह के अनुसार, वह मुफ्त दवा लेने के लिए कमरे नंबर 100 के बाहर लाइन में खड़ा था। पैसे खुले ना होने के कारण दवाइयों वाले स्टाफ ने उनको कहा कि दवा सिर्फ 30 रुपये की है। दरअसल, निर्मल सिंह के पास 500-500 के नोट थे। इस दौरान एक आदमी उनके पास ही खड़ा था और वह कहने लगा कि वह डॉक्टर है और यह दवा वह अंदर से ही उसे लाकर दे देगा। उसने कहा कि उन्हें 500-500 के नोट चाहिए और वह अंदर से ही उसे इनके बदले 200-200 के नोट बदल कर ला देगा। डॉक्टर होने का दावा करने वाले व्यक्ति पर बुजुर्ग निर्मल सिंह ने भरोसा किया और उसे 15 नोट 500 रुपये के दिए। पैसे लेने के बाद, आरोपी ने कमरे के दरवाजे का हैंडल पकड़ा और पीड़ित को आदमी से लाइन से दूर खड़े होने को कहा। जिसके बाद वह अचानक ग़ायब हो गया। पीड़ित ने जब स्टाफ से उस डॉक्टर के बारे में पूछा, तो उन्हें पता लगा कि वहां ऐसा कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है।
निर्मल सिंह ने बताया कि उनका थाना मसतगढ़ है। वह नजदीकी गांव शिंगारीवाल से दूध खरीदता है और उसी दूध को देने के पैसे 6,500 रुपये लेकर गया था। हालांकि, जब दूध वाले का घर नहीं मिला, तो वह दवाइयां खरीदने फिर से मोहाली वापस आया। वहीं एसएमओ डा. चीमा ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा के लिए, भविष्य में लोगों को इन धोखेबाजों से बचाने के लिए अस्पताल में और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति को पकड़ना बहुत जरूरी है नहीं तो आने वाले समय में यह दूसरे लोगों का भी नुकसान कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति खास कर बुजुर्गों को निशाना बनाता है।