खन्नाः 85 प्रतिशत पंचायतों द्वारा नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित करके पंजाब को नशा मुक्त बनाने की पहलकदमी करने वाला खन्ना प्रथम जिला बन गया है। डेढ़ माह में नशा तस्करों और ड्रग के खिलाफ वार तहत 150 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ये जानकारी डीआईजी जगदाले नीलांबरी विजय ने दी।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुटता की जरूरत है। उन्होंने बताया कि गांवों में गठित ग्रामीण रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ बैठक कर सहयोग मांगा जा रहा है। खन्ना जिला पुलिस और सांझ केंद्र की ओर से समराला के खन्ना रोड स्थित एक निजी पैलेस में नशा विरोधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गांव की पंचायतों और ग्रामीण रक्षा कमेटियों के मार्गदर्शन के लिए नशे के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत सेमिनार लगाया गया, जिसका नेतृत्व डीआईजी रेंज लुधियाना जगदल नीलांबरी ने किया।
विभिन्न गांवों से ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों ने इसमें बड़े पैमाने पर भाग लिया। इसी के साथ कई लोगों ने सेमिनार में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि खन्ना एक ऐसा जिला है, जिसमें 376 ग्राम रक्षा समितियों, गांवों और वार्ड समितियों ने शपथ ली है कि वे न तो अपने-अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों को घुसने देंगे और न ही नशा तस्करों को घुसने देंगे। वे नशे के उन्मूलन के लिए पंजाब पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं, जिसके लिए हम उनके बहुत आभारी हैं। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है, इसके जरिए ड्रग्स से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा की जा सकेगी और कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पिछले डेढ़ महीने में खन्ना पुलिस ने 150 से अधिक नशा तस्करों को कानून के कठघरे में खड़ा किया है। 25 से अधिक तस्करों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं तथा सात तस्करों के मकानों को नागरिक प्रशासन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम मान और डीजीपी पंजाब के निर्देशानुसार इस तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। सेमिनार परिसर में पहुंचे ग्रामीण रक्षा समितियों के सदस्यों और सरपंचों ने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की मुहिम की सराहना की।
