जीरकपुरः लग्जरी गाड़ियों को किराये पर लेकर उन्हें ठगी से बेचने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ जीरकपुर पुलिस ने किया है। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। यह गिरोह किराये पर ली गई गाड़ियों के जाली कागजात बनवाकर उन्हें बैंक रिकवरी की गाड़ियां बताकर हरियाणा के नूंह मेवात इलाके में कार डीलरों को बेच देता था। अब तक यह 14 लग्जरी गाड़ियां बेच चुका है, जिनमें से 7 पुलिस बरामद कर चुकी है। पुलिस को यह कार्रवाई तब करनी पड़ी जब चंडीगढ़ सेक्टर-46बी के रहने वाले महेश कुमार विमल ने शिकायत दर्ज कराई। महेश का जीरकपुर में “ओडेक-28 सेल्फ ड्राइवर कार रेंट” नाम से दफ्तर है।
वह लंबे समय से रेंटल कारों का कारोबार कर रहा है। महेश के अनुसार खरड़ के सन्नी एन्क्लेव निवासी हरविंदर सिंह संधू, जो “जेपी कार रेंटल” के नाम से काम करता था, बीते दो साल से उसके साथ जुड़ा हुआ था। शुरुआत में हरविंदर समय पर कारें किराये पर लेकर किराया चुका देता था, लेकिन धीरे-धीरे उसने धोखाधड़ी शुरू कर दी। महेश ने बताया कि हरविंदर ने उसके पास से थार, स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो-एन, आई-20 और थार रोक जैसी कुल 14 गाड़ियां किराये पर ली थीं। पिछले 3 महीनों से वह किराया नहीं दे रहा था और उस पर करीब 30 लाख रुपये बकाया हो गया था। जब महेश ने भुगतान और गाड़ियां वापिस करने को कहा तो जांच में पता चला कि हरविंदर ने इन गाड़ियों के नकली कागजात बनवाकर उन्हें आगे बेच दिया। इन गाड़ियों की कुल कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने महेश की शिकायत पर 5 अगस्त 2025 को हरविंदर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 316/2 और 318/4 के तहत मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया कि हरविंदर ने हरियाणा में अलग-अलग सात डीलरों को ये गाड़ियां बैंक की रिकवरी की बताकर बेची थीं। कुछ डीलरों से उसने अग्रिम भुगतान लिया जबकि बाकी से वादा किया कि आरसी ट्रांसफर होने पर रकम लेगा। हरविंदर सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने मोहम्मद युसूफ, फारूक और साजिद नामक तीन डीलरों को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा आजाद, शाहरूख, शाहिद और सलीम भी इस मामले में नामजद हैं, जिनकी गिरफ्तारी बाकी है।
सभी गिरफ्तार आरोपियों को डेराबस्सी कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सबसे पहले उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। पूछताछ के बाद दोबारा पेशी हुई, जिसमें अदालत ने मुख्य आरोपी हरविंदर सिंह को जेल भेजने का आदेश दिया, जबकि बाकी 3 आरोपियों की रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी गई। पुलिस अब तक 14 में से 7 लग्जरी गाड़ियां बरामद कर चुकी है। बाकी गाड़ियों और फरार आरोपियों की तलाश के लिए हरियाणा के अलग-अलग जिलों में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई और अहम खुलासे हुए हैं और संभावना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं।
