लुधियानाः खन्ना पुलिस स्टेशन ने 4.75 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी मामले में IDFC बैंक कर्मचारी समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बैंक कर्मचारी समाख भट्ट निवासी चंडीगढ़, बलदेव सिंह निवासी चंडीगढ़ और गुरजंत सिंह निवासी गांव सलाना (फतेहगढ़ साहिब) के रूप में हुई है। इसकी पुष्टि साइबर पुलिस स्टेशन इंचार्ज नरपिंदर सिंह ने की है। मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर फॉरेक्स व्यापार (विदेशी मुद्रा व्यापार) का लालच देकर एक लड़की ने माछीवाड़ा साहिब के एक किसान को इस तरह फंसाया कि उसने 3 करोड़ 72 लाख 84 हजार 999 रुपये गंवा दिए। इस मामले में खन्ना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस अनजान लोगों की तलाश में तकनीकी तरीकों से जुटी हुई थी, जिसमें सफलता मिली और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं। पुलिस को दर्ज करवाई शिकायत में, 57 वर्षीय संजीव पांधी, निवासी मकान नंबर 1996, कृष्णापुरी मोहल्ला, वार्ड नंबर 4, माछीवाड़ा साहिब ने बताया कि एक अज्ञात लड़की ने उसे टेलीग्राम ऐप पर सुनेनागुप्ता @199 आईडी से संदेश भेजा। उसे फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए कहा गया। उसे तीन गुना मुनाफे का लालच दिया गया। जिसके बाद एडमिरल मार्केट्स ग्लोबल लिमिटेड में उसका ट्रेडिंग खाता खोला गया। इस खाते के जरिए लेन-देन शुरू किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर खोले गए उक्त खाते में 18 दिसंबर 2024 तक विभिन्न तरीकों से उससे कुल 1 करोड़ 4 लाख 44 हजार 999 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद, उसे कारोबार में मुनाफा दिखाया गया। उसके ट्रेडिंग खाते में 3 करोड़ 66 लाख 16 हजार 595 रुपये दिखने लगे। उसे लगा कि कारोबार सही ढंग से हो रहा है और उसे मुनाफा भेजा जा रहा है। जब उसने यह राशि निकालने की कोशिश की, तो वह इसमें सफल नहीं हो पाया। पैसे निकालने के लिए, उसे 24 लाख रुपये का और टैक्स जमा करने को कहा गया।
शिकायतकर्ता संजीव पांधी के अनुसार, जब वह 24 लाख रुपये टैक्स जमा करने के बाद पैसे निकालना चाहता था, तो उसे बताया गया कि 1 करोड़ से अधिक पैसे होने के कारण खाता फ्रीज कर दिया गया है, जिसके लिए अब 80 लाख रुपये और जमा करने होंगे। अपनी पहली राशि बचाने के इरादे से, उसने साइबर धोखाधड़ी करने वालों की सलाह पर और पैसे जमा कराए। इस प्रकार, 10 फरवरी 2025 तक, उसने कुल 3 करोड़ 72 लाख 84 हजार 999 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में उसे एहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गया है। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस साल इस मामले की पहली FIR साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। साइबर पुलिस स्टेशन इंचार्ज ने कहा कि बाकी दोषी भी जल्द ही पुलिस हिरासत में होंगे।