आरोपी सिविल अस्पताल के है ठेकेदार, 10 से 30 हजार में तैयार करते थे सर्टिफिकेट
लुधियानाः खन्ना पुलिस ने फर्जी डोप टेस्ट करवाने और फर्जी मेडिकिल सर्टिफिकेट देने के मामले में कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान 53 वर्षीय राकेश कुमार उर्फ टोनी पुत्र लेट राम निवासी लुधियाना और 23 वर्षीय मंचित कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी खन्ना रोड लुधियाना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी स्टैंप सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि यह गिरोह फर्जी डोप टेस्ट और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाकर सर्टिफिकेट तैयार करते थे। दोनों आरोपी संबंधित इलाको में सिविल अस्पताल के साईकिल स्टैंड पर ठेके का काम करते है। मंचित बीबीए ड्रोप आउट था और जल्दी पैसे कमाने की लालच में गलत राह पर निकल गया।
मंचित नवंबर 2025 में इस काम में लिप्त हो गया था। आरोपी ने क्रिप्टो में काफी पैसा लगाया था और लग्जरी लाइफ जीने का आदी था। पहले फाइनेशल एडवाइजर का काम करने का मंचित ने सोचा था। मेन लग्जरी स्कॉट का काम किया, जिसके बाद कोविड के दौरान मंचित ने सिविल अस्पताल में काम किया और वहां को प्रोसिजर के बारे का पता लगा लिया। जिसके बाद आरोपियों ने फर्जी स्टैंप बनवाई, जिसमें मेडिकल अफसर सहित अन्य डॉक्टरों के साइन और लैब की फर्जी स्टैंप तैयार की। इस दौरान 25 से 30 ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
वहीं डोप टेस्ट की बड़ी मोहरें बरामद हुई। ओपीडी स्लिप सहित अन्य दस्तावेज भी बरामद किए। सिविल सर्जन के फर्जी दस्तावेज करने में आरोपी माहिर थे। आरोपी सिविल अस्पताल में ठेके काम के दौरान भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाते थे। पुलिस ने बताया कि सिविल मेडिकल अफसर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी एक ग्राहक से डोप टेस्ट सर्टिफिकेट का 10 से 30 हजार रुपए लेते थे। वहीं असलहा लाइसेंस को लेकर डोप टेस्ट करवाने के लिए आरोपी फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करते थे। इसी के साथ रेलवे में नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए है। वहीं दुकानों से तैयार की जाने वाली मोहरों को लेकर दुकानदारों को काबू करके पूछताछ की जा रही है।