SHO और DSP के बाद ETO आबकारी और इंस्पेक्टर सस्पेंड
अमृतसरः पंजाब सरकार एक ओर नशों के खिलाफ अभियान चला रही है। वहीं दूसरी ओर मजीठा क्षेत्र के कुछ गांवों में जहरीली शराब पीने से करीब 17 लोगों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर मृतकों के परिवारों के साथ दुख साझा करने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद घटना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारों से दुख सांझा किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मामले में करीब 10 आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले की तहें दिल्ली तक जुड़ी हुई हैं और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में डीजीपी गौरव यादव ने डीएसपी मजीठा और एचएचओ मजीठा को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही ईटीओ आबकारी और इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है। वहीं सीएम मान ने कहा कि इस मामले में मृतकों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया जाएगा।
जो भी लोग जहरीली शराब से मरे हैं, वे सभी मजदूर वर्ग से संबंधित हैं और उनके बच्चे छोटे-छोटे हैं। यदि मृतक के रक्त संबंधी परिवार में कोई ऐसी उम्र का सदस्य है जो नौकरी के योग्य है, तो उसे जरूरत के हिसाब से नौकरी भी उपलब्ध करवाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आज से चार साल पहले अमृतसर के मुछल गांव और तरन तारण के कुछ इलाकों में जहरीली शराब से मौतें हुई थीं, उसी तरह आज भी जहरीली शराब से मौतें हुई हैं।