चंडीगढ़ः कैबिनेट मंत्री अब दोनों हाथों में लड्डू नहीं पकड़ सकेंगे। पंजाब विधानसभा ने नए नियम बनाए हैं जिसके तहत अब कैबिनेट मंत्री सिर्फ सरकारी आवास ही रख सकेंगे। पहले ऐसा होता था कि मंत्री सरकारी आवास लेते थे और विधायक का फ्लैट भी रखते थे। अब जैसे ही कैबिनेट मंत्री को घर मिलेगा। उन्हें 15 दिन के अंदर फ्लैट खाली करना होगा। पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने अब नियमों में संशोधन किया है। पंजाब विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विधान सभा अध्यक्ष द्वारा पंजाब विधान सभा (विधायकों के फ्लैटों, नौकर क्वार्टरों और मोटर गैरेज का आवंटन) नियम 1971 में संशोधन कर नए नियम बनाए गए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार जब किसी मंत्री को सरकारी फ्लैट आवंटित किया जाता है तो उसे 15 दिन के भीतर मौजूदा फ्लैट खाली करना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में अगले 15 दिनों के लिए दोगुना किराया वसूला जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक अगर एक महीने के बाद भी वजीर द्वारा फ्लैट खाली नहीं किया जाता है तो उसे तय किराए का 160 गुना देना होगा। जानकारी के मुताबिक, फ्लैट का किराया करीब 250 रुपए महीना है। अगर वजीर एक महीने बाद भी फ्लैट खाली नहीं करता है तो उसे करीब 40 हजार रुपए प्रतिमाह किराया देना होगा। गौरतलब है कि ये नियम पूर्व विधायकों के लिए पहले से मौजूद थे, लेकिन कैबिनेट मंत्रियों द्वारा फ्लैट रखने के मामले में कोई नियम नहीं था। अब कैबिनेट मंत्री सिर्फ सरकारी आवास या फ्लैट ही रख सकेंगे। एक ही समय में दो सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। पंजाब विधानसभा की हाउस कमेटी ने इसकी सिफारिश की थी। पंजाब के विधायकों के लिए 64 फ्लैट मौजूद हैं, जिनमें से 26 फ्लैट पंजाब सरकार के हैं जबकि 38 फ्लैट यूटी के हैं। बाकी विधायकों को एमएलए हॉस्टल में कमरे आवंटित किए गए हैं। बता दें कि एक साल पहले जब आप पंजाब में सत्ता में आई थी, तो अधिकांश पूर्व विधायकों ने अपने फ्लैट खाली नहीं किए थे और उन्हें बार-बार फटकार लगाई गई थी।
अधिकांश विधायकों को जुर्माना और अधिक किराया भी भुगतना पड़ा था। पिछले समय दौरान यह चलन रहा है कि विधायकों ने अपने करीबियों को फ्लैट दिए गए थे, जबकि उनका अपना आवास कहीं और होता था। पूर्व में सरकार को पूर्व विधायकों से फ्लैट खाली कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पहले मंत्री एक ही समय में दो आवास रखते थे। जिसके कारण अधिकांश विधायक फ्लैट से वचिंत रह जाते थे। उन्होंने कहा कि अब नए नियमों के अनुसार वजीर एक ही आवास सुविधा का हकदार होगा। वजीर होने के नाते वह सरकारी आवास से अलग फ्लैट नहीं रख सकेगा।
