लुधियानाः नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अधिकारियों ने सुरिंदर कालड़ा के घर पर दबिश दी। इस दौरान एनसीबी की टीम ने सुरिंदर कालड़ा से 36 लाख रुपए का कीमती सामान जब्त किया। जो ड्रग माफिया अक्षय छाबड़ा द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट में NCB का वांछित आरोपी है। NCB ने दुगरी के अर्बन एस्टेट में कालड़ा के घर पर छापा मारा। जबकि कालड़ा अभी भी फरार है। उसका बेटा मणि कालड़ा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पिता-पुत्र पर हवाला रैकेट संचालित करने का भी आरोप है। NCB वारा 15 नवंबर, 2022 को तस्कर संदीप सिंह को गिरफ्तार करने और उसके कब्जे से 20.3 किलोग्राम हेरोइन बरामद करने के बाद छाबड़ा 18 नवंबर, 2022 को दुबई भाग गया था।
NCB अधिकारी ने बताया कि कालड़ा अपनी फर्म और कई अन्य कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाता है। ड्रग तस्करी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों में भी उसकी संलिप्तता का संदेह है। अधिकारी ने कहा कि सुरिंदर कालड़ा के बेटे मणि कालड़ा को ड्रग तस्करी और हवाला मामले में NCB पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सुरिंदर कालड़ा और मनी कालड़ा ने अक्षय छाबड़ा के लिए हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन किया था। NCB ने नवंबर 2002 में इस ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था।
NCB ने पाया था कि छाबड़ा दूसरे देशों से कच्चे माल की तस्करी करता था। कालड़ा अफगान के वैज्ञानिकों से गांव मानकवाल और बाबा दीप सिंह नगर में स्थित दो गुप्त प्रयोगशालाओं में दवाएं तैयार करवाता था। छाबड़ा का गरीबी से अमीरी तक का सफर महज दो साल का था। उनके पिता की गिल रोड पर अनाज मंडी के पास एक चाय की दुकान थी और वह अपने पिता की मदद करता था। बाद में उन्होंने एक कैमिस्ट की दुकान पर काम करना शुरू कर दिया। इसी बीच वह नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल हो गया। दो साल में उसने शहर में करोड़ों रुपए के आलीशान मकान और अन्य संपत्तियां खरीद लीं।
