अबोहर : फाजिल्का कोर्ट कंप्लैक्स के न्यायाधीश के पास से सेवानिवृति हुए रीडर को घर बुलाकर महिला ने उसे रेप के झूठे केस में फंसाने को लेकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में कुछ अन्य महिलाओं व पुरुषों ने भी उसका साथ दिया। सेवानिवृति रीडर पीडित की शिकायत पर पुलिस ने सुंदर नगरी निवासी मां-बेटा को काबू करते हुए उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में स्थानीय पंजपीर नगर के रहने वाले बलविंदर सिंह पुत्र अमर सिंह निवासी पंजपीर नगर ने बताया कि वह फाजिल्का सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में बतौर रीडर ग्रेड वन रह चुका है।
करीब एक सप्ताह पहले एक लड़की जो कि अपना नाम शालू व सुमित्रा बताती थी उसने फोन करके बताया कि उसका पति आस्ट्रेलिया में रहता है और उसके ससुराल वाले उसे बहुत तंग परेशान करते हैं। जिनसे वह छुटकारा पाना चाहती है। उक्त युवती ने कहा कि वह उसके बुजुर्गों जैसे है इसलिए वह उसके घर में आकर उनकी समस्या सुनकर उसे इनसे छुटकारा दिलवाने में मदद करें। आरोप अनुसार 12 मार्च की दोपहर जब वह करीब 3 बजे उक्त लड़की के घर सुंदर नगरी गली नंबर 8 में गया तो उसने गेट को बिनां लाक किए ही उसे कमरे में बुला लिया
और अंदर ले जाकर लड़की ने अपने खुद के कपड़े उतार लिए और उसके साथ संबंध बनाने को कहा, जब उसने वहां से भागने का प्रयास किया तो इतने में करीब 45 साल की एक महिला आई और राज़ीनामा करवाने की बात कहकर उसके मोबाइल के माध्यम से गूगल पे से 18 हजार रुपए ट्रांसफर किए और 1 लाख 30 हजार रुपए और देने की मांग करते हुए कहा कि अगर उसने रुपए न दिए तो वह उनकी वीडियो वायरल कर रेप का केस लगा देगे।
पुलिस ने इस मामले में बलविंदर सिंह के बयानों पर सुंदर नगरी निवासी विक्रमजीत सिंह पुत्र रमेश कुमार व सुनीता रानी पत्नी रमेश कुमार, शालू सुमिता निवासी सादुलशहर, अंग्रेज सिंह व वीरपाल कौर पत्नी अंग्रेज सिंह निवासी गांव थांदेवाला श्रीमुक्तसर साहिब व 2 अज्ञात के खिलाफ भांदस की धारा 389, 120 बी के तहत मुकदमा नंबर 42 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में विक्रमजीत सिंह व उसकी मां सुनीता रानी को काबू कर लिया है।