चंडीगढ़ः शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, इस बार पंजाब में बीयर और शराब की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सरकार इस बार शराब से मिले राजस्व से काफी संतुष्ट है। ऐसे में पंजाब में शराब के रेट बढ़ाने के मूड में नहीं है। पंजाब में इस बार शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। क्योंकि पंजाब सरकार 2024-25 के लिए नई आबकारी नीति लेकर आई है। पंजाब मंत्रालय की बैठक में 2024-25 की एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य में शराब की बिक्री के माध्यम से 10,350 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य रखा है। सीएम भगवंत मान की अगुवाई में कैबिनेट मीटिंग हुई, जहां इस पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई। वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में संग्रह में कम से कम 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ चालू वित्त वर्ष काफी उत्साहपूर्ण है।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में उत्पाद शुल्क राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि का वादा किया था। यह पिछले वित्तीय वर्ष (2022-23) में 8,896 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज करने में सक्षम था, जबकि 2021-22 वित्तीय वर्ष में 6,152 करोड़ रुपये था, जब कांग्रेस राज्य में शासन कर रही थी। चालू वर्ष के लिए सरकार ने 10 फीसदी का लक्ष्य रखा था। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हम पहले ही 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज कर चुके हैं। सरकार ने शराब राजस्व में कम से कम 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के लिए बीयर और भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) की कोटा बिक्री की अनुमति दी थी, जिससे राज्य में दोनों सस्ती हो गईं थी। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ और अन्य पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी को रोकना था, जहां शराब की कीमतें कम थीं। रणनीति काम आई और सरकार शराब तस्करी पर लगाम लगाने में सफल रही। इससे राज्य में शराब की बेहतर बिक्री में मदद मिली है।