चंडीगढ़: मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को अग्रगामी और किसान-कल्याण पर केंद्रित बताते हुए जल स्रोत और खनन मंत्री Barinder Kumar Goyal ने कहा कि यह बजट सिंचाई सुधारों को मजबूत करने और माइनिंग सेक्टर में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन वर्षों में नहरी सिंचाई क्षमता को दोगुना कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2022 में 2.23 मिलियन एकड़ रहा नहरी सिंचाई क्षेत्र अप्रैल 2026 तक बढ़कर 5.3 मिलियन एकड़ होने की उम्मीद है।
बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए जल स्रोत विभाग हेतु 2971 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसमें नहरी सिंचाई का विस्तार और पाइपलाइन व पक्के जल मार्गों के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मालेरकोटला क्षेत्र में 288 करोड़ रुपये की लागत से महोराणा डिस्ट्रीब्यूटरी की मरम्मत और मालेरकोटला माइनर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे 55 गांवों के लगभग 44 हजार एकड़ क्षेत्र को पहली बार नहरी पानी मिलेगा। इसके अलावा शहीद भगत सिंह नगर जिले के लिए काठगढ़ लिफ्ट स्कीम-2 के तहत 24 गांवों के करीब 5,500 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि नहरों और जल स्रोतों की सफाई, लाइनिंग और आधुनिकीकरण से सतही पानी के उपयोग में वृद्धि होकर यह 6.6 मिलियन एकड़ फुट तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही पहली बार 1365 स्थानों तक नहरी पानी पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ सुरक्षा के लिए भी 1500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 371 प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए हैं। वहीं माइनिंग सेक्टर में सुधारों के चलते पंजाब ने Ministry of Mines द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में पहला स्थान हासिल किया है और राज्य का माइनिंग राजस्व एक वर्ष में 260 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।