चंडीगढ़: मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में Government of Punjab ने राज्य को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से “Punjab Film Promotion Policy 2026” लागू की है। यह जानकारी मोहाली स्थित Plaksha University में आयोजित Progressive Punjab Investor’s Summit 2026 के दौरान मीडिया और मनोरंजन सत्र में सामने आई। पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने कहा कि राज्य सरकार फिल्मकारों, निवेशकों और रचनात्मक प्रतिभाओं का स्वागत करती है तथा फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस प्रणाली के माध्यम से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शूटिंग अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है और इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी योजना है।

इस अवसर पर Amit Dhaka, सीईओ Invest Punjab ने बताया कि राज्य में बनने वाली फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज़ के लिए उत्पादन लागत पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 3 करोड़ रुपये) दी जाएगी, जबकि पंजाबी भाषा की फिल्मों को 30 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 3.5 करोड़ रुपये) मिलेगी। इसके अलावा फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, वीएफएक्स स्टूडियो और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए 20 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगभग 40 प्रतिशत सामग्री पंजाबी होने के कारण राज्य का मीडिया और मनोरंजन उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है।

वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव Ramvir ने कहा कि पंजाबी समाज की ‘चढ़दी कला’ की भावना ने मीडिया और फिल्म उद्योग को मजबूत बनाया है और यह उद्योग दुनिया भर में बसे पंजाबी प्रवासियों से गहराई से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में Dinesh Auluck (Speed Records), Sandeep Bansal (Chaupal) और Iqbal Cheema (Punjab Film City) सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने नई नीति का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पंजाब में फिल्म निर्माण के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा तथा राज्य भविष्य में वैश्विक फिल्म निर्माण केंद्र बन सकता है।
