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पंजाबः पान मसाला के पाऊच को लेकर FSSAI ने कंपनियों को दिए नए निर्देश

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बठिंडाः पान मसाला के पाउच पर लिखे चेतावनी संदेश को लेकर सरकार (FSSAI) ने कंपनियों ने नए निर्देश जारी कर दिए है। इस दौरान FSSAI ने कंपनियों को निर्देश देते हुए कहा है कि पान मसाला के पाऊच पर 50 फीसदी Warning का संदेश लिखना होगा। सरकार ने पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को पान मसाला के पैकेट के पचास फीसदी हिस्से पर चेतावनी लिखने के मामले में छह महीने की और मोहलत दे दी है। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एफएसएसएआई) ने इस बाबत पत्र जारी कर दिया है। दरअसल पान मसाला के पैकेटों पर चेतावनी अभी भी लिखी जाती है, लेकिन उसके अक्षर इतने छोटे होते हैं, कि उन्हें आसानी से पढ़ा भी नहीं जा सकता है।

सरकार का मानना था कि इतने छोटे अक्षरों में चेतावनी लिखना सिर्फ खानापर्ति है, इसलिए फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया ने साल 2022 में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (लेबलिंग एंड डिस्प्ले) रेग्युलेशन में संशोधन किया था, जिसके तहत पान मसाला के पैकेट के फ्रंट पर पचास फीसदी हिस्से पर पान मसाला चबाना सेहत के लिए हानिकारक है चेतावनी लिखना लाजिमी कर दिया था। यह नियम एक मई 2023 से लागू होने थे। हालांकि उससे पहले ही पान मसाला कंपनियों ने सरकार से कुछ मोहलत मांगी। उनका कहना था कि उनके पास पैकेजिंग मैटीरियल का पुराना स्टाक पड़ा है, जो बेकार चले जाने पर उनका आर्थिक नक्सान होगा, इसलिए उन्हें कुछ वक्त दिया जाए, ताकि वह पुराना स्टाक खत्म कर सकें और नया नियमों के मुताबिक पचास फीसदी वार्निंग वाला पैकेजिंग मटीरियल तैयार करवा सकें।

इसके बाद पहले उन्हें दो बार तीन-तीन महीने (मई व अगस्त में) की मोहलत दी जा चुकी है। अब एक बार फिर पान मसाला कंपनियों के पुराने पैकजिंग मैटीरियल के स्टाक को आधार बनाकर उन्हें मोहलत दे दी गई है। हालांकि इस बार उन्हें तीन नहीं बल्कि छह महीने की मोहलत दी गई है। अब उन्हें एक मई 2024 से पहले पान मसाला के पैक के पचास फीसदी हिस्से को वार्निंग से कवर करना होगा। सरकार की तरफ से तंबाकू पदार्थ के साथ इससे जुड़े दूसरे प्रोडेक्ट्स को भी उक्त वार्निंग लिखने की हिदायतें दी है।

इसके पीछे तर्क दिया गया कि हाल ही में हुई एक जांच में देश भर में पान मसाला कंपनियों का झूठ निकोटीन का दावा महज फरेब साबित हुआ था। भारत सरकार के राष्ट्री य तंबाकू परीक्षण प्रयोगशाला में जब नामी कंपनियों के पान मसालों की जांच की गई, तो उनमें खतरनाक निकोटीन की मौजूदगी पाई गई, जबकि पान मसाला कंपनियां पान मसाले के पाऊच पर साफ-साफ लिखती हैं कि इसमें निकोटीन और तंबाकू नहीं हैं। दुखद पहलू यह हैं कि इस खुलासे के बाद भी पान मसाला धडल्ले से बिक रहा है। इसके बाद सरकार ने चेतावनी संबंधी नियम को सख्त से लागू करवाने का फैसला लिया व इसमें कंपनियों को पुराना स्टाक समाप्त होने तक उक्त वार्निंग को सख्ती से लागू करवाने का फैसला लिया है।

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