लुधियानाः 2 किलो अफीम बरामद होने का दावा कर युवक को ड्रग तस्करी के मामले में फंसाने के चक्कर में पुलिस खुद फंसती हुई दिखाई दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार लुधियाना में कार्यरत 10 पुलिस कर्मचारियों पर राजस्थान जोधपुर की पुलिस ने FIR दर्ज की है। दरअसल, पुलिसकर्मियों पर अपहरण, जबरन वसूली, जालसाजी, आपराधिक साजिश और झूठे सबूत प्रस्तुत करने के गंभीर आरोप है। आरोप है कि शहर की पुलिस ने जोधपुर निवासी एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया और उसके पास से 2 किलो अफीम बरामद होने का दावा कर उसे ड्रग तस्करी के मामले में फंसा दिया।
इस मामले में इंद्रजीत सिंह, एएसआई सुभेघ सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों मनिंदर सिंह, गुरपिंदर सिंह, सुखदीप सिंह, बसंत लाल, धनवंत सिंह, हरप्रीत कौर, सतनाम सिंह, राज कुमार और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता जोधपुर के झंवर निवासी भीखा राम ने बताया कि 6 मार्च को उसका बेटा मनवीर कोचिंग के लिए जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन बाद में उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि लुधियाना की सीआईए-2 ने उसे ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से 2 किलो अफीम बरामद की है। लुधियाना पुलिस ने उसे डाबा रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि लुधियाना के पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे को झंवर इलाके से अगवा कर लिया और 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी। उन्होंने उसे मामले में फंसाने के लिए झूठे सबूत भी पेश किए। परिवार ने विभिन्न टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज हासिल की, जिसमें मनवीर पुलिसकर्मियों के साथ कार में राजस्थान से पंजाब जाते हुए दिखाई दे रहा है। वहीं इस मामले में एडीसीपी-2 देव सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
