मोहालीः पंजाब में आज से भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने जिला मुख्यालयों पर 5 दिवसीय स्थायी मार्च शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन द्वारा पंजाब के 19 जिलों में किया जा रहा है। इस मौके पर किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर धरने के इन पांच दिनों में सरकार ने कोई बातचीत नहीं की और कोई नतीजा नहीं निकला तो धरने के आखिरी धरने में बड़ा ऐलान किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि इसके बाद चंडीगढ़ कूच का भी कार्यक्रम बन सकता है।
इस प्रदर्शन को लेकर किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांग है कि कृषि नीति लागू की जाए। क्योंकि संगठन ने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ बैठक की थी और उस समय भी यह मांग की गई थी और सरकार ने इसे लागू करने के लिए आश्वासन दिया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब इसे लेकर धरना दिया जा रहा है।
इस मौके पर किसानों ने अपनी अन्य मांगें बताते हुए कहा कि फसलों का दाम स्वामीनाथन की रिपोर्ट के मुताबिक होना चाहिए। 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार प्रति माह पेंशन लगाई जाए और किसान मजदूरों का पूरा कर्ज माफ किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों में से एक को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर वे लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।