गुरदासपुरः श्री गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में गोहत पोखर गांव में गुरुद्वारे की प्रधानगी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गये। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी तू-तू-मैं-मैं हुई। इस संबंधी जानकारी दे हुए पहले और मौजूदा अध्यक्ष जसबीर सिंह ने बताया है कि गांव के मौजूदा सरपंच ने उन्हें 3साल के लिए श्री गुरुद्वारा साहिब की अध्यक्षता सौंपी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल डेढ़ साल ही अध्यक्षता को लेकर हुए है। उन्होंने कहा कि वह सारा व्यवसाय ठीक तरीके से कर रहे हैं और बहुत अच्छे तरीके से उनके द्वारा काम को मैनेज किया जा रहा है। गांव के समुदाय को कोई समस्या नहीं है। अध्यक्ष ने आरोप लगाए है कि गांव का सरपंच और कुछ लोग गुरुद्वारे की गोलक से पैसा खाना चाहते हैं, इसलिए वह उन्हें ऐसा नहीं करने देता। जिसके कारण वह उसे पद से हटाना चाहते हैं। इसी के चलते आज यहां फिर से अध्यक्ष पद के लिए मीटिंग बुलाई गई थी। अध्यक्ष का आरोप है कि सरपंच ने अपने साथियों के साथ बाहर से लोगों को बुलाकर उन पर रौब बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके गांव के लोगों ने ऐसा होने नहीं दिया।
वहीं जब दूसरे पक्ष के व्यक्ति गांव के सरपंच हरजिंदर सिंह और उनके भतीजे सोडी ने नवनियुक्त अध्यक्ष से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने 3 साल के लिए अध्यक्ष पर उन्हें नियुक्त किया था। लेकिन अब वह अपने पद का दुरप्रयोंग कर रहा है। आरोप लगाए गए है कि उक्त अध्यक्ष द्वारा प्रत्येक व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। जिसके कारण गांव के लोगों की ओर से उसके पास कई शिकायतें आई हैं। इसके बाद ही उन्होंने सर्वसम्मति से आज की बैठक बुलाई है। जिसमें हमने यह भी कहा है कि आप जिसे भी अध्यक्ष चुन लें। सोडी ने आरोप लगाए है कि अध्यक्ष जानबूझ कर लड़ाई को बढ़ावा दे रहे है, जिस करके ये पूरी घटना घटी गई है। उन्होंने कहा कि गांव का अधिकारी होने के नाते हमें लोगों की बात सुननी पड़ती है।
दूसरी ओर तिबड़ पुलिस पार्टी के साथ पहुंचे एएसआई पलविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे की अध्यक्षता को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हुए है। पुलिस ने दोनों पार्टियों को शांत करवा दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें जो भी इस मामले को लेकर शिकायत देगा, उसके आधार पर वह आगे की कार्रवाई करेंगे।
