लुधियानाः लाडोवाल टोल प्लाजा पर देर रात हंगामा होने का मामला सामने आया है। दरअसल, देर रात बारातियों से भरी बस पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। इस दौरान आरोप लगे है कि खुद को टोल कर्मचारी बताते हुए युवक वहां से गुजर रहे वाहनों के ड्राइवरों से अवैध उगाही कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सवारियों से भरी बस को घेर हमलावरों ने जमकर तोड़फोड़ की। बताया जा रहा है कि यह वारदात थाना लाडोवाल से महज 500 मीटर दूर हुई है। हमलावरों ने तेजधार हथियारों और राड से बस के शीशे तोड़े। कई बारातियों को मामूली चोटें भी आई हैं। वहीं मामले की जानकारी देते हुए बस ड्राइवर मंजीत ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह लुधियाना से बटाला के लिए बारात को लेकर गया था।
इस दौरान उसने टोल प्लाजा पर उसने 300 रुपए एक रूट के दिए थे। बस ड्राइवर का कहना है कि उस दौरान व्यक्ति ने बिना कोई पर्ची दिए उसकी बस वहां से निकलवा दी और उसने अपना मोबाइल नंबर उसे दिया। वापसी के समय बस निकालने के समय फोन करने की बात कही। मंजीत के मुताबिक वह पहले भी इसी तरह से कई बार बस निकाल कर ले जाते रहे हैं। ड्राइवर मंजीत ने बताया कि वापसी के समय फिल्लोर पहुंचा तो उसने दिए हुए नंबर पर काल की। उस व्यक्ति ने उसे लाइन नंबर 13 में गाड़ी ले जाने के लिए कहा, लेकिन उस लाइन में तैनात एक व्यक्ति ने उसे बस निकालने नहीं दी। उसने उससे कहा कि उसने सुबह पैसे दिए हैं। लेकिन उस व्यक्ति ने उससे गाली गलौज शुरू कर दी।

मंजीत के मुताबिक उस व्यक्ति ने उसकी बस की चाबी निकाल ली। सभी सवारियों ने जब उसका विरोध किया तो उक्त व्यक्ति ने उससे मारपीट की। टोल पर बने एक काउंटर से अपने अन्य साथियों को बुलाया। काउंटर से ही उन लोगों ने डंडे, राड और तेजधार हथियार निकाल बस पर हमला कर दिया। टोल पर करीब 10 मिनट तक खूब हंगामा हुआ। बस के शीशे बदमाशों ने तोड़ दिए। कई सवारियों के कांच भी लगा। मंजीत ने कहा कि जिस लाइन में बिना पर्ची दिए गाड़ियां टोल कर्मी पास करवाते हैं, उस लाइन के सीसीटीवी कैमरे बंद करवा देते हैं। एक बस ड्राइवर को एक चक्कर में 100 से 150 रुपए बच जाता है। इस कारण ड्राइवर इनके झांसे में आ जाते हैं। टोल कर्मचारी टोल कंपनी को रोजाना लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। हमलावरों के खिलाफ उसने थाना लाडोवाल में शिकायत दर्ज करवा दी है। इस मामले में लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर दपिंदर सिंह ने कहा कि टोल लाइन शुरू होने से पहले ये विवाद हुआ है। कौन लोग हैं, जो टोल के नाम पर पैसे एकत्र कर रहे है। इसकी वह अपने स्तर पर भी जांच करवाएंगे।