चंडीगढ़ः पंजाब के सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग खत्म हो गई है। इस दौरान जहां सीएम मान ने राशन कार्ड धारको को राहत दी है। वहीं अध्यापकों को लेकर इस मीटिंग में फैसला लिया है। इस दौरान उन्होंने कहाकि टीचरों के तबादलों का प्रोसेस आसान कर दिया गया है। जिसके चलते उनके बच्चों की पढ़ाई में उन्हें किसी समस्या से ना गुजरना पड़े। सीएम मान ने कहा कि 10 लाख 77 हजार राशन कार्ड जो पहले काटे गए थे। उन्हें अब बहाल कर दिया है। सरकार द्वारा जल्दी ही राशन की डोर स्टेप डिलीवरी शुरू करने जा रही है। ऐसे में सभी राशन कार्ड धारकों को राशन मिलेगा। वहीं गठबंधन के सवाल को लेकर सीएम मान ने कहा कि पंजाब में उनका कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।
मीटिंग होगी। इसमें राज्य में गिरते भू जल स्तर को रोकने और गैर सिंचाई कामों के लिए चार्ज पॉलिसी को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके तहत उद्योगों व व्यापारिक कामों के लिए सस्ते दामों पर नहरी पानी मुहैया करवाया जाएगा। ताकि गिरते भू जल स्तर को रोका जा सकें। जल संभाल नीति -2024 को मीटिंग में मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा दिल्ली की तर्ज पर सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की तुरंत सहायता के लिए फरिश्ते स्कीम को मंजूरी दी जाएगी। स्कीम में हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने वाले को राज्य सरकार सम्मान के तौर पर 2000 रुपये देगी। व्यक्ति से पुलिस या अस्पताल प्रशासन तब तक कोई पूछताछ नहीं करेगा जब तक वह खुद चश्मदीद गवाह न बनना चाहे।
इसके अलावा शिक्षक तबादला नीति पर मोहर लगेगी। जल स्रोत विभाग ने 6 नवंबर 2012 को नोटिफिकेशन जारी करके गैर सिंचाई कामों के लिए पानी की के दाम तय किए थे। इनमें साल 2020 और 2022 में संशोधन किया गया था। इस मामले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। पानी के ऊंचे रेटों की दलील दी गई। जबकि राज्य के 153 ब्लाकों में से 117 ब्लॉक में पहले से ज्यादा पानी का निकास किया जा रहा है। जल स्रोत विभाग का कहना है कि नहरी पानी के रेट ज्यादा होने के चलते उद्योगपति भूमिगत जल प्रयोग करते रहे हैं। ऐसे में इसके रेट रिवाइज करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। हालांकि थर्मल प्लांटों में पानी के रेट पहले वाले ही रहेंगे। जबकि उद्योग व व्यापारिक संस्थानों के लिए पानी का रेट आधा किया जाएगा। वहीं, नहरी पानी के बिलों की वसूली असल खपत के आधार पर होगी। इसके लिए आउटलेट व डिजीटल फ्लो मीटर स्थापित किए जाएंगे।
मीटिंग में महाराजा रणजीत सिंह टेक्निकल यूनिवर्सिटी से संबंधित एजेंडा भी रहेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अनाज से संबंधित एंजेडा व आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में पदों की संरचना करने संबंधी एजेंडा भी मीटिंग आ रहा है। जल संभाल नीति 2024 के तहत जल भंडारण के लिए तालाबों का निर्माण करने की योजना है। धरती के नीचे के पानी को रिचार्ज करने के लिए एक- एक एकड़ के तालाब बनाए जाने की योजना है। इन तालाबों की मिट्टी को निर्माण प्रोजेक्टों में प्रयोग किया जाएगा। इस दौरान अस्पतालों में दवाईंयों को लेकर आ रही दिक्कत को लेकर सीएम मान ने मरीजों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अब मरीजों को दवाईंयों की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने कहाकि डॉक्टर भी अस्पतालों में मौजूद दवाईंया मरीजों को मुहैय्या करवाएंगे। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवाईंया लिखकर दिए जाने पर रोक लगाई गई है।
