लुधियाना, 20 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को साफ कह दिया कि अब खेती को बचाने का एक ही रास्ता है — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI। लुधियाना की पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में हुए राज्य स्तरीय किसान मेले में उन्होंने हजारों किसानों के सामने यह बात रखी। साथ ही अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
क्यों जरूरी है खेती में AI — मान ने समझाई वजह
मुख्यमंत्री ने बिना लागलपेट के कहा कि पंजाब की खेती एक गहरे संकट में है। “मुनाफा घटता जा रहा है, खेती अब फायदेमंद नहीं रही और किसान बुनियादी गुजारे के लिए संघर्ष कर रहे हैं,” उन्होंने कहा। उनके मुताबिक मौजूदा फसल तकनीकों की उत्पादन क्षमता लगभग अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है।
इसका हल उन्होंने AI में देखा। उन्होंने कहा, “यह तकनीक किसानों को बताएगी कि कौन सी फसल कब बोएं, ताकि मुनाफा भी बढ़े और उत्पादन भी। पंजाब हमेशा से नई सोच को अपनाने में आगे रहा है और AI इस क्षेत्र में क्रांति लाएगी।”
उन्होंने इसे 1960 के दशक की हरित क्रांति से जोड़ते हुए कहा कि उस वक्त पंजाब के किसानों ने देश को अनाज में आत्मनिर्भर बनाया, लेकिन इसकी कीमत चुकाई — उपजाऊ जमीन और पानी जैसे अनमोल संसाधन गंवाकर। अब AI के जरिए उन किसानों को वापस कुछ देने का वक्त आ गया है।
पानी, बिजली और पैसा — सरकार ने क्या-क्या किया
भगवंत मान ने 2022 से अब तक की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त सुनाई।
सिंचाई के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई का रकबा 20.90 लाख एकड़ से बढ़कर 58 लाख एकड़ हो गया है। 15,500 से ज्यादा नहरें साफ की गई हैं, 18,349 पानी की नालियां दोबारा चालू की गई हैं और दशकों बाद 1,444 गांवों तक नहरी पानी पहुंचा है। सिरहिंद नहर 75 साल बाद अपग्रेड हुई और फिरोजपुर फीडर नहर को महज 35 दिनों में दुरुस्त कर दिया गया।
बिजली के बारे में उन्होंने कहा कि पहली बार धान के सीजन में किसानों के ट्यूबवेलों को दिन के वक्त लगातार आठ घंटे से ज्यादा बिजली मिली — रात को नहीं, दिन में।
पैसों की बात करें तो पंजाब में गन्ने का भाव 416 रुपये प्रति क्विंटल है जो देश में सबसे ज्यादा है। गेहूं और धान की खरीद पर हर साल करीब 80,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में 24 घंटे के अंदर भेजे जाते हैं।
बागवानी को बढ़ावा देने के लिए जापान की JICA की मदद से 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे पंजाब का बागवानी क्षेत्र 2036 तक 3.56 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 16 लाख हेक्टेयर हो जाएगा — यानी तीन गुना बढ़ोतरी।
PAU की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय 2023, 2024 और 2025 — तीन साल लगातार देश के 75 सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों में पहले नंबर पर रहा है और दुनिया के टॉप 100 कृषि संस्थानों में शामिल है।
विपक्ष पर तीखा हमला, महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान
मान ने विपक्ष को घेरते हुए कहा, “पुराने नेताओं ने पंजाब को बर्बाद किया। उनके हाथ पंजाब के दर्द से रंगे हैं।” उन्होंने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वह “सबसे बड़े और पुराने झूठे हैं, जो सिर्फ स्वार्थ से चलते हैं।”
इस मौके पर उन्होंने मावां धियां सत्कार योजना का भी ऐलान किया। इसके तहत पंजाब की हर महिला को हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये — सीधे बैंक खाते में। 97 फीसदी महिलाएं इस योजना का फायदा उठा सकेंगी। इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नेता मौजूद थे।
