नई दिल्ली / पंजाब, 10 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से महत्वपूर्ण बैठक कर राज्य के किसानों, मंडियों और भंडारण व्यवस्था से जुड़े कई बड़े मुद्दे उठाए। इस बैठक में केंद्र सरकार ने पंजाब को तत्काल राहत देते हुए राज्य में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न को उठाने के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन पर सहमति जताई।
यह निर्णय रबी मार्केटिंग सीजन 2026–27 के दौरान पंजाब में पैदा हो रहे गंभीर भंडारण संकट को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में बताया कि राज्य के गोदाम लगभग पूरी क्षमता तक भर चुके हैं। वर्तमान में पंजाब में करीब 180.88 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न पहले से ही भंडारित है, जबकि कुल उपलब्ध क्षमता लगभग 183 लाख मीट्रिक टन है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति में नई फसल के लिए जगह बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। रबी सीजन के दौरान 130 से 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होने की संभावना है, जिससे दबाव और बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में अनाज की आवाजाही बहुत धीमी रही है और औसतन केवल 5 लाख मीट्रिक टन अनाज ही हर महीने राज्य से बाहर भेजा गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाया जाए, ताकि मंडियों में जगह खाली हो सके और किसानों की फसल की खरीद सुचारु रूप से हो सके।
₹9000 करोड़ RDF, ब्याज दर और आढ़तियों के मुद्दे प्रमुख
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास फंड (RDF) के तहत लंबित ₹9000 करोड़ की राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह राशि पंजाब का अधिकार है और इसका उपयोग मंडियों के आधुनिकीकरण और ग्रामीण सड़कों के सुधार में किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) पर ज्यादा ब्याज दर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजाब को हर सीजन में लगभग ₹500 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है, क्योंकि बैंक द्वारा वसूली जा रही ब्याज दर और केंद्र द्वारा स्वीकृत दर में अंतर है।
इसके अलावा आढ़तियों की समस्याओं को भी विस्तार से रखा गया। उन्होंने कहा कि आढ़तिये लंबे समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का 2.5% कमीशन मांग रहे हैं, लेकिन केंद्र द्वारा केवल मामूली बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनमें असंतोष बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने मंडी मजदूरों के EPF से जुड़े लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यह राशि तुरंत जारी की जानी चाहिए ताकि मजदूरों और आढ़तियों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
केंद्र का सकारात्मक रुख, जल्द बनेगा समाधान तंत्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और जल्द ही सचिव स्तर पर बैठक बुलाकर इन समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस तंत्र तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इन मुद्दों का समय पर समाधान जरूरी है, ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो और किसानों के हित सुरक्षित रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और केंद्र के साथ मिलकर हर समस्या का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
किसानों और राज्य हितों की रक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर भुगतान, बेहतर भंडारण व्यवस्था और सुचारु खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार समय रहते आवश्यक कदम उठाती है, तो इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।