लुधियाना। पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला-बल्लढ़वाल सीमा क्षेत्र को अमृतसर साहिब से रेल मार्ग द्वारा पूरे भारत से जोड़ने का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को पूरे भारत के रेल नेटवर्क से जोड़ने की अपील की है।
धालीवाल ने रमदास/आर.डी.एस. रेलवे स्टेशन का नाम श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर के पहले मुख्य ग्रंथि बाबा बुड्ढा साहिब जी के नाम पर रखने की भी मांग उठाई है, जिन्हें लोगों द्वारा बहुत सम्मानित किया जाता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से रमदास स्टेशन के पुर्ननिर्माण की अपील करते हुए कहा है कि अमृतसर जिले के रमदास/आर.डी.एस. रेलवे स्टेशन पर उच्च स्तरीय पक्का प्लेटफार्म बनाने, रेलगाड़ियों का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए आश्रय/शेड, रोशनी, पंखे जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के साथ पीने के पानी की सुविधा आदि का प्रबंधन करना अत्यंत आवश्यक है।

धालीवाल ने इस स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही को 4 जोड़ी से बढ़ाकर कम से कम 6 जोड़ी करने की मांग की है, ताकि अमृतसर जिले के अधिकतर लोगों की महत्वपूर्ण मांग को पूरा किया जा सके। इसके अलावा, वेरका से अमृतसर या उससे आगे चलने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की गई है।
केंद्रीय मंत्री को लिखे अपने पत्र में धालीवाल ने जोर देकर कहा है कि पंजाब राज्य के अमृतसर जिले में स्थित रामदास/आर.डी.एस. रेलवे स्टेशन का निर्माण भारत और पाकिस्तान के विभाजन से पहले हुआ था। हालांकि, इस रेलवे स्टेशन पर कोई प्लेटफार्म नहीं है। इस कस्बे के साथ-साथ करतारपुर साहिब कॉरिडोर यानी अमृतसर से डेरा बाबा नानक और रामदास रेलवे स्टेशन तक केवल एक ही रेल संपर्क है।
अजनाला-बल्लढ़वाल कनेक्टिविटी के बारे में धालीवाल ने कहा कि यह क्षेत्र एक सीमावर्ती क्षेत्र है और अलग-थलग होने के कारण बहुत पिछड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में सड़कों की कनेक्टिविटी खराब है और वर्तमान में कोई रेल संपर्क नहीं है। धालीवाल ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए अमृतसर शहर पर निर्भर हैं और उन्हें इन जरूरतों के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।