चंडीगढ़, 11 अप्रैल 2026: पंजाब कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में एक अहम फैसला लेते हुए ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी (Beadbi) करने वालों के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है।
यह बिल सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत

यह फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी। सरकार ने कहा कि पिछले समय में गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य पवित्र धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लोगों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं और समाज में अस्थिरता पैदा हुई है।
सरकार का मानना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएं 298, 299 और 300 ऐसे मामलों को कवर करती हैं, लेकिन इनमें सख्त सजा का प्रावधान नहीं है, जिससे अपराधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती।
इसी कारण सरकार ने इन अपराधों को रोकने के लिए और कड़े कानूनी उपाय लागू करने का फैसला लिया है।
संशोधन बिल में उम्रकैद का प्रावधान
प्रस्तावित ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ में सजा को और सख्त बनाया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा दी जाएगी।
कैबिनेट ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करना और समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर
सरकार ने कहा कि यह कदम राज्य में शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
अधिकारियों का मानना है कि यह नया कानून एक मजबूत निवारक (deterrent) के रूप में काम करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।
पंजाब सरकार ने दोहराया कि वह धार्मिक भावनाओं की रक्षा करने और समाज में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।