लुधियानाः माछीवाड़ा साहिब के नजदीक गांव रतीपुर में नशे की लत के कारण माता-पिता के इकलौते बेटे की मौत हो गई। मृतक का शव दो दिन पहले यहां से 10 किलोमीटर दूर बहने वाली सतलुज नदी के धूसी बांध के पास मिला था, जिसकी पुलिस पहचान नहीं कर पाई थी। जब युवक की तस्वीर अखबार में छपी तो परिवार के पैरों तले से जमीन खिसक गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव रतीपुर के किसान रणजोध सिंह का इकलौता बेटा जश्नप्रीत सिंह नशे का आदी हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार अब युवक नशा छोड़ना चाहता था, जिसके चलते वह नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करा रहा था। कुछ दिन पहले वह नशा मुक्ति केंद्र से लौटा था। पुलिस को दर्ज कराए गए बयानों में परिजनों ने चिंता जताई है कि उनके बेटे जश्नप्रीत सिंह को नशीला पदार्थ खिलाकर मार डाला गया और फिर शव को सतलुज नदी के किनारे फेंक दिया गया।
परिजनों ने बताया कि युवक बैग में कपड़े और मोबाइल फोन लेकर राड़ा साहिब के पास एक नशा मुक्ति केंद्र में जाने की बात कहकर घर से निकला था। सदस्यों ने बताया कि उन्हें मृतक के कपड़े, मोबाइल व अन्य कागजात वाला बैग नहीं मिला। फिलहाल पुलिस ने माता-पिता का बयान दर्ज कर धारा-174 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के परिवार ने बताया कि जश्नप्रीत सिंह नशा छोड़कर विदेश जाकर बसना चाहता था। उन्होंने एजेंट के पास फाइल भी दाखिल की थी लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
