मानसाः हलवारा के गांव सुधार में आयोजित कबड्डी कप पर गैंगस्टर्स का बुरा साया पड़ गया। पहुंचने के बावजूद खेलने आई कबड्डी टीमों ने 4 मैच खेलने के बाद अचानक मैदान में उतरने से इनकार कर दिया जिसके चलते टूर्नामेंट रद्द करना पड़ा। गांव सुधार पत्ती धालीवाल में शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर यादगारी 13वां कबड्डी कप इस बार शुभदीप सिंह (सिद्धू मूसेवाला) की याद को समर्पित किया गया था। इस कबड्डी टूर्नामेंट में भारी नकद इनाम राशि के अलावा सिद्धू मूसेवाला के दो पसंदीदा ट्रैक्टर 5911 बेस्ट रेडर और स्टॉपर को इनाम में दिए जाने थे।
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को बतौर मुख्य मेहमान इस टूर्नामेंट में आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनकी मौजूदगी में ही कबड्डी कप खेलने आई टीमों ने खेलने से इनकार कर दिया। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह शायद स्थिति को समझ गए और आधा घंटा बैठने के बाद संक्षेप भाषण देकर वहां से चले गए। हालांकि आयोजक क्लब इस बात को सीधे तौर पर मानने से इनकार कर रहा है, लेकिन चर्चा जोरों पर है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को सिद्धू मूसेवाला की याद को समर्पित ये कबड्डी कप करवाना नागवार गुजरा और बलकौर सिंह को बतौर मुख्य मेहमान बुलाए जाने से खेलने आई टीमों को धमकाकर खेलने से रोका गया।
इस कबड्डी कप में पुरुष वर्ग ओपन की 12 मशहूर टीमें खेलने पहुंची थी लेकिन चार मैच हो जाने के बाद अचानक टीमों ने मैदान में आने से इंकार कर दिया। मंच से आयोजक बार-बार टीमों को मैदान में आने के लिए पुकारते रहे लेकिन खिलाड़ी नहीं पहुंचे जिसके बाद टूर्नामेंट रद्द करने की घोषणा कर दी गई। टूर्नामेंट में भारी नकद इनाम राशि के अलावा बेस्ट रेडर और स्टॉपर को सिद्धू मूसेवाला के पसंदीदा ट्रैक्टर 5911 इनाम में दिए जाने थे। आयोजकों ने कबड्डी कप रद्द करने की घोषणा के बाद सभी टीमों को आने जाने का किराया देकर रवाना कर दिया। हालांकि नानकसर कलेरां गांव में भी रविवार को ही कबड्डी टूर्नामेंट होने को कारण बताकर आयोजकों ने असलियत पर पर्दा डालने की कोशिश की लेकिन पंजाब के इस मशहूर कबड्डी कप को रद्द किया जाना साफ करता है कि इस खेल पर गैंगस्टर्स की पकड़ मजबूत हो गई है।
गैंगस्टर्स की सहमति के बिना अब ग्रामीण इलाकों की इस पसंदीदा खेल को करवा पाना मुश्किल है। लॉरेंस के करीबी गैंगस्टर भगवानपुरिया द्वारा टीमों को धमका कर इस टूर्नामेंट में आने से रोकने की खबर है। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की भी पैनी नजर इस टूर्नामेंट के आयोजन पर टिकी हुई थी और पल-पल की खबर उच्च अधिकारियों को पहुंचाई जा रही थी। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह के समागम से चले जाने के बाद आयोजकों ने टूर्नामेंट रद्द करने का एलान कर दिया। खबर यह भी है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सभी कबड्डी टूर्नामेंट आयोजकों को सिद्धू मूसेवाला की याद में टूर्नामेंट न करवाने की चेतावनी दी है। कबड्डी मुकाबलों में मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को बुलाए जाने पर भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आपत्ति है।
गौरतलब है कि कलगीधर यूथ वेलफेयर एंड स्पोटर्स क्लब सुधार पत्ती धालीवाल द्वारा इससे पहले 12 कबड्डी कप सफलतापूर्वक करवाए जा चुके हैं। यह 13वां कबड्डी कप सिद्धू मूसेवाला की याद को समर्पित था। मूसेवाला अपने संघर्ष और कामयाबी की बुलंदियों के दौरान गांव सुधार में अपने खास दोस्तों से मिलने आया करते थे, लेकिन उनकी याद में करवाया गया भव्य आयोजन इस बार असफल रहा और पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कबड्डी प्रेमी भी उतनी संख्या में नहीं पहुंचे। क्लब की तरफ से दो 5911 ट्रैक्टर के अलावा कबड्डी कप के लिए इनाम राशि और इंतजाम पर कुल 20 लाख रुपये का बजट रखा गया था।
कबड्डी कप रद्द किए जाने के सवाल पर आयोजक क्लब के प्रधान करमजीत सिंह सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें किसी भी गैंगस्टर गैंग का कोई धमकी भरा फोन नहीं आया। अगर किसी टीम को धमकी भरा फोन आया हो तो उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। प्रधान ने कबड्डी खेल के हो रहे पतन का ठीकरा कबड्डी फेडरेशंस पर फोड़ते हुए कहा कि पंजाब की इस विरासती खेल को अपने फायदे के लिए बरबादी के किनारे ला खड़ा कर दिया गया है।
कबड्डी फेडरेशंस ग्रामीण टूर्नामेंट खत्म करना चाहती हैं और बड़े नामवर खिलाड़ियों पर अपना वर्चस्व चाहती हैं। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि भविष्य में निम्न स्तर की टीमों को प्रमोट किया जाएगा और शाम को ही बैठक के बाद बहुत जल्द कबड्डी कप की नई तारीखों का एलान कर दिया जाएगा। उधर, नाम न छापने की शर्त पर आयोजक क्लब से जुडे़ कुछ लोगों और गांव वासियों सहित खिलाड़ियों ने बताया कि टीमों को धमकी देकर खेलने से रोका गया है। अगर ऐसा नहीं होता तो 12 साल से करवाया जा रहा यह शानदार कबड्डी कप इस बार असफल नहीं होता।
