चंडीगढ़ः जींद में आईपीएल पर सट्टा लगाते कुछ युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उक्त काबू किए गए आरोपियों से रिश्वत मांगने के मामले में पुलिस ने अपने कर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल-24 के 3 कॉन्स्टेबलों को सस्पेंड किया गया है। वहीं क्राइम सेल के इंचार्ज, इंस्पेक्टर नरेंदर पटियाल को लाइन हाजिर किया गया है। हालांकि, फिलहाल सट्टेबाज युवकों के मामले में डीएसपी दविंदर शर्मा की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। दरअसल, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल ने 13 अप्रैल की रात जींद के कुछ युवकों को सट्टेबाजी के आरोप में पकड़ा था। लेकिन किसी द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल कर दी गई। मामला संज्ञान में आने पर SSP ने जांच की तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। इसके तुरंत बाद आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सट्टेबाजों और पुलिस की इस डील में सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन किसी एक व्यक्ति द्वारा गलती से किसी अधिकारी के पास मैसेज चला गया। मोबाइल स्क्रीन पर पहुंचे मैसेज और कंट्रोल रूम की कॉल के अलावा एक उच्चाधिकारी के कानों तक भी पूरे मामले की जानकारी पहुंची। मोबाइल पर आए मैसेज ने डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल की पोल खोल कर रख दी। सस्पेंड हुए कॉन्स्टेबलों में मंजीत, संदीप और हंसराज शामिल हैं। वहीं आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर एसपी सिटी मृदुल स्पेशल रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप काफी गंभीर है।
यही कारण है कि कल देर शाम संज्ञान में आए मामले की प्राथमिक जांच के तुरंत बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला संज्ञान में आने पर यूटी पुलिस विभाग के डीएसपी से लेकर डीजीपी तक हैरत में पड़े हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का केस दर्ज किया जाना था। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस की साख बचाने के लिए उच्च पदस्थ अधिकारियों ने केस दर्ज करने की कार्रवाई से गुरेज किया। लेकिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
