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पंजाबः जाली डिग्री पर नियुक्त प्रिंसिपल की गिरफ्तारी के बाद 12 टीचर्स विजिलेंस के रडार पर

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मोहालीः पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने बीते दिन सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल, फेज़- 11, एसएएस नगर ( मोहाली) में तैनात प्रिंसिपल परमजीत कौर को जाली डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी लेने और तरक्की हासिल करने के दोष में गिरफ़्तार किया है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के अधिकारित प्रवक्ता ने बताया कि परमजीत कौर ने बिहार की मगध यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी एम. कॉम की डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी। डिग्री की तस्दीक न होने के उपरांत उसके खि़लाफ़ विजीलैंस इनक्वारी दर्ज की गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान विजलैंस ब्यूरो ने पाया कि उक्त प्रिंसिपल की तरफ से सरकारी नौकरी लेने के लिए इस्तेमाल की गई डिग्री फ़र्ज़ी है। सरकारी नौकरी और तरक्की के लिए जाली डिग्री सर्टिफिकेट का सहारा लेने के दोष अधीन मुलजिम प्रिंसिपल के खि़लाफ़ केस दर्ज करके उसे विजीलैंस की तरफ से आज गिरफ़्तार कर लिया गया है।

वहीं अब बीते दिन प्रिंसिपल को जाली डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी लेने व तरक्की हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद अब 12 अन्य अध्यापकों के नाम सामने आए है। इन सभी अध्यापकों ने भी मगध विश्व विद्यालय और बुंदेलखंड से डिग्रियां प्राप्त की है। ये सभी डिग्री होल्डर पूर्व शिक्षा मंत्री तोता सिंह के समय तैनात हुए है। पंजाब अगेंस्ट करप्शन के सदस्य सतनाम सिंह ने बताया कि 2004 में उस समय के शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अजमेर सिंह ने सिर्फ मगध विश्व विद्यालय से अध्यापकों को मिली डिग्रियों पर जांच के लिए कमेटी बनाई थी। अजमेर सिंह उस कमेटी के चेयरपर्सन थे। उन्होंने 6 साल तक इन जाली डिग्रियों पर जांच की।

कुल 69 डिग्रियों का मगध विश्व विद्यालय से रिकार्ड मांगा गया। 69 डिग्रियों में 13 डिग्रियों का रिकार्ड यूनिवर्सिटी ने देने से मना कर दिया क्योंकि ये सभी डिग्रियां राजनीतिक प्रभाव के कारण बाहर नहीं निकल पाई। यूनिवर्सिटी ने जिन 56 डिग्रियों का उस समय रिकार्ड मुहैया करवाया था वह सभी जाली पाई गई थी। उस समय की सरकार ने इन जाली डिग्रियां हासिल करने वाले अध्यापकों पर कोई एक्शन नहीं लिया। 2009 में अजमेर सिंह रिटायर हो गए। जिसके बाद फाइल को मिलीभगत से दबा दिया गया था।

अब जब आरटीआई में उन सभी अध्यापकों का रिकार्ड मांगा गया तो यूनिवर्सिटी अब रिकार्ड खो जाने का हवाला दे रही है। इस बीच प्रिंसिपल परमजीत कौर की पड़ताल लगातार विजिलेंस करती रही जिसके बाद जाली डिग्री लेकर सरकारी नौकरी लेने का खुलासा हुआ है। सतनाम सिंह ने बताया कि उस समय जिन 13 डिग्रियों का रिकार्ड नहीं मिला था आज उनके नाम भी सामने आए। उन्हीं 13 डिग्री होल्डरों में परमजीत कौर भी शामिल है। इसलिए अब जरुरी बन गया है कि इन 12 अध्यापकों की भी पंजाब सरकार गहनता से जांच करवा मामला उजागर करे। उधर, RTI विभाग ने भी पंजाब सरकार और विजिलेंस को सुझाव दिया है कि वह बाकी बचे 12 डिग्री होल्डर अध्यापकों की भी जांच करें तांकि सच्चाई सामने आ सके।

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