HomeGovernment Newsशहरों में आबादी अनुसार नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव किए जाएं...

शहरों में आबादी अनुसार नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव किए जाएं तैयार – CM सैनी

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

ड्रेनों, नहरों, नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले किया जाए पूरा

तटबंधों पर पर्यावरण की दृष्टि से हरा भरा बनाने के लिए लगाए जाए पेड़

चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी ड्रेनों, नहरों एवं नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाए। विशेषकर आबादी क्षेत्र में ड्रेन एवं नहरों के साथ मजबूत बर्म बनाएं जाएं और कार्य की नियमित रूप से मोनिटरिगं की जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई, जनस्वास्थ्य एवं स्थानीय निकायों विभाग के अधिकारियों के साथ ड्रेन, नहरें एवं नालों की सफाई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का प्रस्ताव बनाया जाए ताकि उस पानी का क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए उपयोग कर सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ रही है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्रों में अवरुद्ध हो रहा है। इसलिए जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे क्षेत्रों के लिए नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं ताकि भविष्य में उन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बनें।

ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य में कोई लापरवाही न करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसाती एवं जल निकासी संबंधित ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य को तत्परता से पूरा करवाएं और इस कार्य में कोई लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हो और टूटने के कगार पर हो उनका समय से पूर्व निरीक्षण कर मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा निचले क्षेत्रों में भी तटबंधों को मजबूत करें ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी ओवरफ्लो न हो सके। इसके अलावा इन तटबंधों को पर्यावरण की दृष्टि से हरा भरा बनाने के लिए पेड़ लगाए जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घग्गर, मारकण्डा, टांगरी नदी की सफाई के साथ तटबंधों पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा कुरूक्षेत्र में चीका के पास सरस्वती नदी के बहाव को सीधा किया जाए। उन्होंने बावल में इंडस्ट्री के पानी की निकासी हेतू भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि अब तक विभिन्न 825 ड्रेन एवं नालों के कार्यों में से 713 पर कार्य कर लिया गया है। शेष पर आगामी जून माह तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शॉर्ट टर्म बाढ बचाव 425 कार्यो में से 250 कार्यों के टेंडर फाइनल कर दिए गए हैं तथा शेष के लिए माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएगंे। इसके अलावा विभाग में जल निकासी हेतू 1678 क्यूसेक क्षमता के 839 डीजल पम्प, 4466 क्यूसिक क्षमता के 1389 इलेक्ट्रिक पम्प तथा 3465 क्षमता के 495 मोबाईल पम्प तैयार हैं। इस प्रकार प्रदेश में 9609 क्यूसेक क्षमता के 2723 पम्प तैयार कर लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 87 स्थानीय निकायों में 2655 किलोमीटर लम्बाई की 2382 ड्रेनों में से 1116 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई की कार्य कर लिया गया है। शेष ड्रेनों का कार्य भी जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार जनस्वास्थ्य विभाग की 85 शहरों में 100 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई का कार्य मई माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर,  मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, अशोक मीणा, निदेशक भूमि चकबंदी यशपाल, ईआईसी जनस्वास्थ्य देवेन्द्र सिंह, सिंचाई सतबीर सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश संधु सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -